बरसात आते ही सराढू व कोयद पंचायत के ग्रामीणों की मुश्किले बढ़ी !

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टंडवा (रांची ब्यूरो) : बरसात आते ही सराढू व कोयद पंचायत के ग्रामीणों की मुश्किले बढ़ जाती है, सराढू टंडवा पथ की हालात इतनी जर्जर है की वाहन तो क्या पैदल चलना भी बरसात में दुर्भर हो जाता है, ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर पिछले साल आंदोलन भी किया था पर ग्रमीणों के हाथ निराशा ही हाथ लगी सड़क मरम्मत की मांग को लेकर सराधु कोयद बरकुट्टे सोपारम कुडलोंग कुण्डी के ग्रामीणों ने पिछले साल अनशन का अल्टीमेट जिला प्रशासन को दिया था तब के  तत्कालीन उपायुक्त अमित कुमार ने इस मामले में ग्रामीणों को आश्वासन देकर अनशन करने से रोक था उपायुक्त ने तत्काल सड़क चलने लायक तो सीसीएल से मिटटी डलवा कर बनवा दिया था और आश्वासन दिया था की दो महीने में सीसीएल से मिटटी मोरम का काम करवाया जायेगा बाद में सड़क कालीकरण पर भी विचार किया जायेगा पर अबतक आश्वासन आश्वासन ही बन कर रह गया और ग्रामीण ठगे महसूस कर रहें हैं सड़क में डाली गई मिटटी पानी से बह गई और सड़क में पुनः गड्ढे उभर आये है जिसमे चलना दुर्भर हो गया है , इस बार पुनः ग्रामीण आंदोलन के मुड में है ग्रामीण इंद्रदेव सिंह का कहना है की सराधु में कोल परियोजना खुलने के बाद भी सड़क का ना बनना शर्मनाक है वही नविन सिंह , शंकर सिह, मंगल यादव, पिंटू ,रामकुमार , राहत अली , रियासत मिया , अशोक राम , सुबोध सिंह का कहना है की इस बार आर या पार की लड़ाई सड़क को लेकर होगी। इस सड़क के बनने से टंडवा से बालूमाथ की दुरी भी काफी कम हो जायेगी।