सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में मद्यनिषेध कार्यालय, दरभंगा द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। 28 फरवरी 2026 को अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर, दरभंगा विकास कुमार की उपस्थिति में मद्यनिषेध कार्यालय परिसर में जब्त की गई अवैध शराब का विधिवत विनष्टीकरण (नष्टिकरण) किया गया। यह कार्रवाई समाहर्ता न्यायालय से प्राप्त राजसात एवं विनष्टीकरण आदेश के आलोक में की गई।

इस संबंध में सहायक आयुक्त, मद्य निषेध, दरभंगा प्रदीप कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी एवं विशेष अभियान के दौरान जब्त की गई कुल 4032.000 लीटर अवैध शराब को नियमानुसार नष्ट किया गया। विनष्ट की गई शराब में 1222.000 लीटर विदेशी शराब तथा 2810.000 लीटर देशी/चुलाई शराब शामिल है। विनष्ट शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹23.09 लाख आंका गया है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि यह समस्त शराब पूर्व में अलग-अलग मामलों में जब्त की गई थी और विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत न्यायालय द्वारा राजसात कर विनष्टीकरण की अनुमति प्रदान की गई। आदेश प्राप्त होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पारदर्शी एवं सुरक्षित तरीके से शराब को नष्ट किया गया। विनष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया विधि-सम्मत तरीके से संपन्न हुई तथा इसकी वीडियोग्राफी एवं आवश्यक अभिलेखीकरण भी किया गया, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 (यथासंशोधित) के अंतर्गत शराब का निर्माण, भंडारण, परिवहन, क्रय-विक्रय अथवा सेवन करना दंडनीय अपराध है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कठोर दंड एवं आर्थिक दंड का प्रावधान है। राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाना और परिवारों को शराब से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों से बचाना है।
श्री प्रदीप कुमार ने बताया कि दरभंगा जिले में मद्यनिषेध विभाग द्वारा निरंतर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित छापेमारी की जा रही है। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में शराबबंदी कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में विभाग को सूचना मिल रही थी कि कुछ असामाजिक तत्व अवैध रूप से देशी/चुलाई शराब का निर्माण कर उसे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में बड़ी मात्रा में शराब बरामद की गई, जिसे विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नष्ट किया गया।
सहायक आयुक्त ने यह भी बताया कि अवैध शराब का कारोबार न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि यह समाज के लिए गंभीर खतरा भी है। चुलाई या मिलावटी शराब के सेवन से कई बार जानलेवा घटनाएं घटित हो चुकी हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि अवैध शराब के स्रोत को पूरी तरह समाप्त किया जाए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे शराबबंदी कानून का सम्मान करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाया जा सकता है।

अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर, दरभंगा विकास कुमार ने भी मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट है कि बिहार को नशामुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। इस दिशा में प्रशासन, पुलिस एवं मद्यनिषेध विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
विनष्टीकरण की प्रक्रिया के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्रवाई निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि नष्ट की गई शराब दोबारा किसी भी रूप में उपयोग में न लाई जा सके।
मद्यनिषेध विभाग ने दोहराया कि आगे भी जिले में सघन अभियान जारी रहेगा। शराब तस्करी, अवैध निर्माण एवं भंडारण में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को शराबबंदी कानून की जानकारी दी जा रही है, ताकि कानून के प्रति जागरूकता बढ़े और समाज में सकारात्मक परिवर्तन आए।
अंत में सहायक आयुक्त, मद्य निषेध, दरभंगा ने कहा कि 23.09 लाख रुपये मूल्य की 4032 लीटर अवैध शराब का विनष्टीकरण प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है जो अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त हैं। कानून से ऊपर कोई नहीं है और शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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