दरभंगा मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बीएसएल थ्री लैब में रोजाना कोरोना सैंपल जांच की संख्या बढ़ा दी गयी है. अब रोजाना 36 सैंपल की जांच हो पायेगी. जांच कार्य तीनों पालियो में 24 घंटा चलेगा. एक शिफ्ट में 12 सैंपल की जांच हो पायेगी. इससे पूर्व 24 सैंपल की जांच हो पाती थी. इस कार्य में साइंटिस्ट, चिकित्सक व कर्मी राउंउ द क्लॉक अपनी सेवा देंगे.
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शुक्रवार को बाहर से भी सैंपल आया है. पूर्णिंया से 23 व मधेपुरा से 11 सैंपल जांच के लिये आये हैं। जबकि स्थानीय डीएमसीएच से सात सैंपल जांच के लिये विभाग को भेजा गया है. सभी जांच रिर्पोट देर रात तक आ जायेगी.

फतुहा से आ रहा पीपीइ किट
लेबोरेटरी में कोरोना वायरस की जांच होती है. यह काम बेहद संवेदनशील माना जाता है. थोड़ी सी भी आसवधानी होने पर लैब में जांच कार्य कर रहे चिकित्सक व साइंटिस्ट के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है. इसको देखते हुये उनके लिये प्रोटेक्शन किट, मास्क व जरूरी सुरक्षात्मक उपकरण व ड्रेस मुहैया कराया जाता है.

जानकारी के अनुसार विभाग के पास 100 पीपीइ किट (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) है. शुक्रवार को फतुहा से 100 किट की आपूर्ति की जा रही है. वहीं मरीजों का स्वाब जांच के लिये उपयुक्त भीटीएम किट भी उपलब्ध है. बीएमएसआइसिल से 100 किट विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है. वहीं दरभंगा मेडिकल कॉलेज वेंडर से 100 किट खरीदकारी कर रहा है. ताकि जांच कार्य प्रभावित नहीं हो सके.

आसपास के दर्जनों जिला को मिलेगा लाभ:
डीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोरोना संक्रमण की जांच शुरू होने से निकटवर्ती जिला के लोगों को इसका लाभ मिलेगा. जांच रिर्पोट भी उसी दिन आ जायेगा. इससे मरीजों का चिकित्सा कार्य में डॉक्टरों को आसानी होगी. साथ ही परिजनों को भी अपने मरीजों के संक्रमित की संभावना का समय से पता चल सकेगा. दरभंगा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि अब यहां जांच सुविधा होने से उत्तरी बिहार के लोगों को इसका लाभ प्राप्त होगा. रोजाना 36 सैंपल की जांच हो सकेगी. रिर्पोट भी उसी दिन मिल जायेगा.
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