दरभंगा : कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की संभावना के मद्देनजर डीएमसीएच गायनी परिसर के छह मंजिला भवन नर्सिंग कॉलेज को भी आइसोलेटेड वार्ड में तब्दील कर दिया गया है. बिल्डिंग को 100 बेड का आइसोलेटेड वार्ड में बदलने को लेकर डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने सभी मौलिक व चिकित्सकीय सुविधायें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
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इसके मद्देनजर बिल्डिंग के साफ- सफाई का काम चल रहा है. आसपास के भी क्षेत्र को स्वच्छ किया जा रहा है. इस अभियान में कर्मियों को लगा दिया गया है. वहीं बिल्डिंग में बिजली, पानी व शिफ्ट की सुविधायें मुहैया करायी जा रही है. सभी काम अधीक्षक डॉ आरआर प्रसाद के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है. अधीक्षक डॉ प्रसाद ने बताया कि भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ने पर नर्सिंग कॉलेज का उपयोग किया जायेगा. कोरोना वायरस को लेकर अस्पताल प्रशासन पुरी तरह तैयार है. इस प्रकार डीएमसीएच में 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड में संदिग्धों के इलाज की पुरी तैयारी की जा रही है. हालांकि पूर्व से ही बीएससी नर्सिंग छात्रावास में आइसोलेटेड वार्ड में मरीजों का उपचार किया जा रहा है.

संदिग्धो की संख्या बढ़ने पर किया जायेगा इस्तेमाल :
विदित हो कि बिल्डिंग के समीप नर्सिंग छात्रावास में पूर्व से ही 100 बेड का आइसोलेटेड वार्ड चल रहा है. उसमें संदिग्ध मरीजों का उपचार किया जा रहा है. इसी बीच कोरोना वायरस संक्रमित व संदिग्ध की संख्या बढ़ने की स्थिति में इस बिल्डिंग का प्रयोग किया जायेगा. इसकी तैयारी की जा रही है. संदिग्धों की संख्या बढ़ने पर बीएससी नर्सिंग कॉलेज के नये वार्ड में शिफ्ट किया जायेगा. इससे मरीजों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर चिकित्सा प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी. बता दें कि फ्लोर पर हॉल में मरीजो के लिये बेड लगाया जायेगा. हॉल करीब एक हजार फुट का है. इसके अलावा शौचालय, पेय जल की सुविधा भी उपलब्ध है. साथ ही फ्लोर पर जाने के लिये लिफ्ट भी लगया गया है.
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