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रेवाड़ी में किसान ने की आत्महत्या: एससी-एसटी एक्ट के केस से तनाव में था कपिल देव, सुसाइड नोट में पड़ोसी परिवार पर लगाए आरोप

हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक किसान की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि किसान अपने और परिवार के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी एक्ट के केस से काफी परेशान था। इसी मानसिक तनाव के चलते उसने घर में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मृतक ने अपने पड़ोसी परिवार पर झूठा मामला दर्ज करवाने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना रेवाड़ी जिले के जखाला गांव की बताई जा रही है। मृतक किसान की पहचान 45 वर्षीय कपिल देव के रूप में हुई है। कपिल देव खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव के लोग भी इस घटना से काफी स्तब्ध हैं।

जमीन विवाद से शुरू हुआ झगड़ा

मृतक के बेटे लव यादव ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि उनका परिवार खेतों में बने एक मकान में रहता है। पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के साथ उनकी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते कई बार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हो चुकी थी।

परिजनों के अनुसार 11 मार्च को भी इसी विवाद को लेकर दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हो गया था। झगड़े के बाद पड़ोसी परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कपिल देव और उनके परिवार के सदस्यों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।

एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस

पुलिस ने पड़ोसी परिवार की शिकायत के आधार पर 13 मार्च को कपिल देव, उनकी पत्नी, मां, ताई और बेटे के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। इस मामले के दर्ज होने के बाद कपिल देव काफी परेशान रहने लगे थे।

परिवार वालों का कहना है कि उन्हें इस बात का बहुत दुख था कि उन पर और उनके परिवार के लोगों पर जातिसूचक टिप्पणी और मारपीट जैसे आरोप लगाए गए हैं। वह बार-बार कहते थे कि यह केस झूठा है और इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

मानसिक तनाव में रहने लगे थे किसान

परिजनों के मुताबिक केस दर्ज होने के बाद कपिल देव का व्यवहार बदल गया था। वह पहले की तरह सामान्य नहीं रहे और अक्सर चुप रहने लगे थे। घर के लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वह लगातार तनाव में बने रहे।

परिवार का कहना है कि उन्हें इस बात की चिंता भी थी कि केस की वजह से पूरे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसी मानसिक दबाव ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया।

रात में उठाया आत्महत्या का कदम

घटना वाली रात परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सो गए थे। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि कपिल देव इतना बड़ा कदम उठा लेंगे।

सुबह जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आए तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। जब दरवाजा खोला गया तो कपिल देव का शव फंदे से लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और घर में चीख-पुकार मच गई।

पुलिस को दी गई सूचना

घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ।

सुसाइड नोट में कपिल देव ने पड़ोसी परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज करवाया गया, जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से टूट गए थे।

पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर उसे जांच के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पड़ोसी पक्ष की शिकायत

दूसरी ओर पड़ोसी परिवार की ओर से पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में 80 वर्षीय बलबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में बने कमरे के बाहर बैठे हुए थे और सरसों की लावणी कर रहे थे।

उसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उनसे विवाद करने लगे। शिकायत के अनुसार बाद में कपिल देव और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी वहां आ गए।

मारपीट और पैसे छीनने के आरोप

पड़ोसी पक्ष ने आरोप लगाया कि कपिल देव और उनके साथियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और लोहे की रॉड से हमला किया। इसके अलावा मारपीट करने और 20 हजार रुपये छीनने का भी आरोप लगाया गया था।

इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

गांव में पसरा मातम

कपिल देव की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वह मेहनती और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। खेती करके वह अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।

उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला आत्महत्या का है, लेकिन सुसाइड नोट मिलने के बाद जांच और भी गंभीर हो गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी ने मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाया था या नहीं।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

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