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गया रंगदारी केस: जिस डॉक्टर ने मांगी थी सुरक्षा, वही निकला साजिश का सूत्रधार!

बिहार के गया जिले में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला अब एक सनसनीखेज साजिश में तब्दील हो चुका है। जिस प्रतिष्ठित डॉक्टर ने खुद को अपराधियों का शिकार बताते हुए पुलिस से मदद मांगी थी, वही अब पुलिस हिरासत में है। मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार पर ही इस पूरे रंगदारी कांड की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगा है।

यह मामला तब सामने आया था जब डॉ. सत्येंद्र कुमार की पत्नी विभा कुमारी के मोबाइल फोन पर 27 दिसंबर और 31 दिसंबर को धमकी भरे कॉल आए। कॉल करने वाले खुद को मुंबई और कोलकाता से बता रहे थे और साफ शब्दों में एक करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो डॉक्टर की पत्नी की जान खतरे में पड़ जाएगी।

डर और दहशत के माहौल के बीच 7 जनवरी को डॉ. सत्येंद्र कुमार ने मगध मेडिकल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण गया पुलिस के वरीय अधिकारी तुरंत हरकत में आए और विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। शुरुआत में पुलिस भी इसे एक संगठित आपराधिक गिरोह का मामला मान रही थी।

लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया।

SIT ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और पैसों के लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच में यह बात सामने आई कि जिन नंबरों से धमकी दी गई थी, उनकी कड़ियां डॉक्टर के ही संपर्कों से जुड़ती नजर आ रही हैं। इसके बाद पुलिस का शक सीधे डॉ. सत्येंद्र कुमार पर गया।

पुलिस ने जब डॉक्टर से सख्ती से पूछताछ की तो उनके बयान बार-बार बदलते पाए गए। कई सवालों के जवाब संतोषजनक नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, इस मामले में दो अन्य आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है, जो नर्सिंग होम के संचालक बताए जा रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि

👉 आखिर एक नामी डॉक्टर ने खुद के खिलाफ रंगदारी की साजिश क्यों रची?

👉 क्या इसके पीछे आर्थिक तंगी है या कोई बड़ा खेल?

👉 क्या इस साजिश में और भी प्रभावशाली लोग शामिल हैं?

डॉ. सत्येंद्र कुमार की हिरासत के बाद मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हड़कंप मच गया है। डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और वरीय अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सच्चाई सामने लाएंगे।

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