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ओडिशा में कालबैशाखी तूफान का कहर: मयूरभंज में दो लोगों की मौत, पांच घायल; 200 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त

ओडिशा के मयूरभंज जिले में रविवार को आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए कालबैशाखी यानी नॉरवेस्टर तूफान ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दो लोगों की जान चली गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज हवाओं और बारिश के साथ आए इस तूफान ने सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचाया और कई जगह पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया।

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह भीषण तूफान रविवार शाम करीब चार बजे अचानक आया। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं और बवंडर जैसी स्थिति ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कई गांवों में कच्चे और कमजोर मकान इस तूफान को झेल नहीं पाए और देखते ही देखते बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हो गए।

दो लोगों की दर्दनाक मौत

इस तूफान की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान पी. नाइक और मालती महंता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जब तेज हवाओं का यह बवंडर राष्ट्रीय राजमार्ग 220 के पास पहुंचा, तभी दोनों इसकी चपेट में आ गए। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।

पांच लोग गंभीर रूप से घायल

तूफान के दौरान कई लोग घायल भी हुए हैं। प्रशासन के अनुसार पांच लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए केओंझार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।

इसके अलावा लगभग 40 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। कई लोगों को घरों की छत गिरने या उड़ती हुई चीजों से चोटें लगीं। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद अधिकतर लोगों को घर भेज दिया गया।

200 से ज्यादा घरों को नुकसान

तूफान के कारण जिले के कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 200 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई घरों की छतें उड़ गईं, जबकि कुछ मकान पूरी तरह ढह गए।

सबसे ज्यादा नुकसान किआ और कंकड़ा गांव में हुआ है। यहां कई परिवारों के घर आंधी की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लोगों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

गांव के निवासी ध्रुब बिस्वाल ने बताया कि तूफान के दौरान हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि एक ऑटो रिक्शा और एक स्कूटर हवा में उछलकर पास के पानी से भरे गड्ढे में जा गिरे। इस घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया।

कई गांवों में बिजली व्यवस्था ठप

तूफान की वजह से इलाके में कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। इससे कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीमों को नुकसान की सूचना मिलते ही मौके पर भेजा गया और बिजली बहाल करने का काम शुरू किया गया।

दुमुरिया, पिचुकी, बड़गांव, बतापलासा, सालारपाड़ा, कुंजिया, पुरुनापानी और मेंधासिंगा जैसे कई गांव इस तूफान से प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

राहत और बचाव कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंच गईं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। कई जगहों पर गिर चुके पेड़ों को हटाकर सड़कों को साफ किया जा रहा है ताकि यातायात सामान्य हो सके।

मृतकों के परिवार को मुआवजा

राज्य सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। सरकार ने घोषणा की है कि मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी और जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें भी राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

कई जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। मयूरभंज जिले के लिए सोमवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि मौसम अचानक खराब हो सकता है।

इसके अलावा सुंदरगढ़, केओंझार, बालासोर और भद्रक जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

कई अन्य जिलों में भी खराब मौसम की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार रायगड़ा, कोरापुट, मल्कानगिरी, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, गंजाम और गजपति जिलों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न रहें और सुरक्षित जगहों पर शरण लें। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की भी अपील की गई है।

सिक्किम में भी मौसम ने बदला मिजाज

इधर सिक्किम में भी मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। कई स्थानों पर बड़े आकार के ओले गिरने की भी खबर है।

इस खराब मौसम के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

17 मार्च तक मौसम रहेगा खराब

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि सिक्किम में 17 मार्च तक मौसम खराब बना रह सकता है। इसकी वजह एक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी को बताया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार गंगटोक, ग्यालशिंग, नामची और सोरेंग जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे मंगन और पाक्योंग में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है।

राजधानी गंगटोक में भी दोपहर से तेज बारिश और हवाएं चल रही हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग ने सिक्किम के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें।

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