होली की तैयारियों में जुटे हरियाणा के एक गांव में मंगलवार शाम खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। रेवाड़ी जिले के रामपुरी गांव के पास बेरली-डहीना सड़क मार्ग पर तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रही तीन महिलाओं को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी।

दूध लेने निकली थीं, मौत से सामना हो गया
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामपुरी गांव की रहने वाली 60 वर्षीय भतेरी देवी और 60 वर्षीय संतरा देवी मंगलवार शाम करीब सात बजे गांव से दूध लेने निकली थीं। उनके साथ एक अन्य महिला भी थी। तीनों सड़क किनारे पैदल जा रही थीं और घरों में होली की तैयारियों की चर्चा कर रही थीं। तभी पीछे से तेज गति से आ रही एक कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों महिलाएं उछलकर सड़क पर जा गिरीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार चालक ने न तो हॉर्न बजाया और न ही गति कम की। दो महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल महिला की हालत नाजुक
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। घायल महिला को निजी वाहन से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसके पैर में फ्रैक्चर है और सिर में भी चोट आई है। फिलहाल उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
कार की पहचान को लेकर चर्चा
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि दुर्घटना में शामिल कार टाटा कंपनी की है और किसी सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वाहन और चालक के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
दुर्घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए और सड़क जाम कर दी। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर लंबे समय से तेज रफ्तार वाहनों की समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने स्पीड कंट्रोल के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे कार्रवाई के आश्वासन के बिना हटने को तैयार नहीं थे।
पुलिस की जांच तेज
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि वाहन और चालक की पहचान हो सके।
पुलिस का कहना है कि दुर्घटना में शामिल वाहन की स्पष्ट पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। घटनास्थल से मिले टायर के निशान और टूटे हुए पुर्जों की भी जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन पड़ताल की जा रही है।
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
भतेरी देवी और संतरा देवी के घरों में होली की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के सदस्य रंग-गुलाल और पकवानों की तैयारी में जुटे थे। अचानक मिली इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर घर में शोक का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों महिलाएं मिलनसार स्वभाव की थीं और गांव की सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरा गांव स्तब्ध है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि बेरली-डहीना मार्ग पर स्पीड ब्रेकर या पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं हैं। शाम के समय यहां रोशनी की भी कमी रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण सड़कों पर बढ़ती वाहन संख्या और ओवरस्पीडिंग गंभीर समस्या बन चुकी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।
प्रशासन का आश्वासन
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर भी संबंधित विभाग को सूचित किया जाएगा।
खुशियों के बीच दर्द की दास्तान
होली जैसे उल्लासपूर्ण पर्व से ठीक पहले हुई इस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। जहां घरों में रंगों की तैयारी होनी थी, वहां अब शोक की चादर बिछी है।
रेवाड़ी के रामपुरी गांव में यह हादसा लंबे समय तक याद रखा जाएगा—एक ऐसी शाम के रूप में, जब तेज रफ्तार ने दो जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और ग्रामीण न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। त्योहार की खुशियों के बीच यह घटना याद दिलाती है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही किसी का पूरा संसार उजाड़ सकती है।
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