कनाडा में पंजाब के एक और छात्र की हत्या ने परिवार और गांव को झकझोर दिया है। अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु के पास स्थित गांव देवीदासपुरा का 25 वर्षीय युवक सिमरनजीत सिंह कनाडा में गोली लगने से मौत का शिकार हो गया। सिमरनजीत दो साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था, और परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए भारी कर्ज उठाकर उसे विदेश भेजा था।

परिवार और गांववालों के लिए यह खबर झटके के समान थी। सिमरनजीत का सपना था कि पढ़ाई पूरी करके वह परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन दुर्भाग्य से यह सपना हकीकत में नहीं बदल सका। जैसे ही उसकी मौत की खबर गांव देवीदासपुरा में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक के चाचा कुलवंत सिंह ने बताया कि सिमरनजीत पिछले लंबे समय से दोस्तों के साथ कनाडा में रह रहा था। हाल ही में दिसंबर में उसे कुछ नए दोस्तों ने एक नई जगह पर रहने के लिए ले गए थे। वह अपने सारे खर्च खुद उठाता था और कनाडा में पीआर (परमानेंट रेजिडेंट) के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहा था। उसके पास दस साल का अमेरिका का वीजा भी था।
परिवार का शक है कि उसके नए दोस्तों ने ही उसके साथ धोखा किया और रुपए के लिए उसे मार डाला। चाचा कुलवंत सिंह ने कहा कि सिमरनजीत एक मेहनती और जिम्मेदार छात्र था और कभी किसी समस्या में नहीं पड़ता था। उनका कहना है कि कनाडा जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में ऐसा होना बेहद चिंता का विषय है।
यह घटना एक बार फिर उन पंजाबी परिवारों के लिए चेतावनी बन गई है जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश भेजते हैं। युवाओं की हत्या और विदेश में सुरक्षा की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कनाडा में रहने वाले अन्य पंजाबी छात्रों और उनके परिवारों में डर का माहौल है।
स्थानीय और पंजाब सरकार के अधिकारियों ने भी मामले पर चिंता जताई है और कनाडा स्थित भारतीय दूतावास से त्वरित जांच की अपील की है। परिवार ने न्याय की मांग की है और उम्मीद जताई है कि जिम्मेदार अपराधियों को जल्द ही कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
सिमरनजीत की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि विदेश में बेहतर अवसरों की तलाश में गए युवा भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। उनके परिवार और गांववासियों के लिए यह एक गहरी व्यक्तिगत और सामाजिक त्रासदी है, जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
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