देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 14 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर रहा है, जिसका असर कई राज्यों में देखने को मिलेगा। इस प्रणाली के कारण जहां पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इसके विपरीत कुछ पश्चिमी और तटीय इलाकों में गर्मी और लू का असर भी बरकरार रहने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति बिल्कुल अलग-अलग रहने वाली है। एक ओर पहाड़ों में ठंड और बर्फबारी बढ़ सकती है, वहीं कई मैदानी इलाकों में मौसम अचानक बदलकर तेज हवाओं और हल्की बारिश के रूप में सामने आ सकता है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ का सबसे अधिक असर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 14 और 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे एक बार फिर पहाड़ों में ठंड बढ़ने के आसार हैं।
इसके बाद 15 से 18 मार्च के बीच इन राज्यों में मौसम गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर लगातार बारिश और ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तराखंड में भी बदलेगा मौसम
उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। 14 और 15 मार्च को राज्य के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। इसके बाद 15 और 16 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।
बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे एक बार फिर ठंड का असर महसूस किया जा सकता है, खासकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए।
मैदानी इलाकों में आंधी और बारिश
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 17 मार्च के बीच पंजाब के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 15 से 17 मार्च के बीच मौसम इसी तरह बदल सकता है। इन क्षेत्रों में आंधी के साथ हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। 15 और 16 मार्च को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा राजस्थान के कुछ इलाकों में 14 और 15 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
कुछ इलाकों में जारी रहेगी गर्मी
जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, वहीं देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार गुजरात के कई इलाकों में गर्म हवाएं चल सकती हैं और कुछ क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
तटीय क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी
देश के दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों में फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। गुजरात, केरल और तटीय कर्नाटक के कई इलाकों में उमस भरी गर्मी जारी रह सकती है।
सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इस स्थिति को मौसम विज्ञान की भाषा में “वार्म नाइट” कहा जाता है। ऐसी स्थिति में रात के समय भी गर्मी कम नहीं होती और लोगों को असहजता महसूस होती है।
जेट स्ट्रीम से मजबूत हो रही मौसम प्रणाली
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी सक्रिय हो गई है। यह लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर बह रही है और इसकी गति करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटे बताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार जेट स्ट्रीम का सक्रिय होना पश्चिमी विक्षोभ को और अधिक मजबूत बना सकता है। जब जेट स्ट्रीम की रफ्तार तेज होती है तो इससे मौसम प्रणालियां ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिससे बारिश और बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है।
पूर्वोत्तर भारत में भी खराब मौसम के आसार
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस समय असम के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसके कारण क्षेत्र में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार असम और मेघालय के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान आ सकता है। इसके साथ ही बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। सिक्किम और उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम में हो रहे इस बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करें, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
कुल मिलाकर आने वाले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम काफी उतार-चढ़ाव वाला रहने वाला है। कहीं बारिश और बर्फबारी होगी तो कहीं तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिल सकता है। इसलिए लोगों को मौसम के बदलते हालात को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
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