Breaking News

विशेष :: ‘डाक टिकट पर पाग सजल’ गीत की धूम

डेस्क : ‘डाक टिकट पर पाग सजल’ गीत इन दिनों मिथिला सहित देशभर में लोकप्रिय हो रहा है। इस गीत को मिथिला के पारंपरिक लोक गायक मानवर्धन कंठ ने गाया है। इस गीत के माध्यम से मिथिलावासियों की खुशियां एवं भावनाओं को दर्शाया गया है, साथ ही सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। यह गीत हाल ही में मिथिलालोक फांउडेशन द्वारा सोशल मीडिया पर रिलीज किया गया, जो सोशल मीडिया पर धूम मचाए हुए है।

गायक मानवर्धन कंठ ने कहा कि मिथिलालोक फांउडेशन के अथक प्रयास के कारण मिथिला पाग को राष्ट्रीय पहचान मिली है, जिसके कारण आज देश-विदेश में पाग पर चर्चा होने लगी है। उन्होंने कहा कि मिथिला की सभ्यता संस्कृति माछ, मखान और पान है लेकिन मिथिला की सांस्कृतिक प्रतीक चिन्ह पाग है।

मिथिलालोक फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ बीरबल झा ने कहा कि मिथिलालोक के तहत चल रहें कार्यक्रम ‘पाग बचाउ अभियान’ से प्रवासी मैथिल को भी उनके मूल संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिससे देश की संस्कृति मजबूत होगी। साथ ही सामाजिक समरसता एवं अर्थव्यवस्था पर अपेक्षित प्रभाव पड़ेगा।

डॉ झा ने आगे कहा कि मिथिलालोक प्रवासी एवं स्थानीय मैथिलों के बीच सेतू का काम कर रहा है। युवा वर्ग को जोड़ते हुए स्कील्स ट्रेनिंग का काम किया जा रहा है। जिससे उन्हें रोजगार मिल सके। पाग की कोई जाती नहीं है, पाग मिथिला की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई है। हर मैथिल को पाग सम्मान का हक है। 

पत्राचार में करें पाग डाक टिकट का इस्तेमाल
डॉ झा ने तमाम मैथिलवासियों से अपील की है कि पत्राचार में पाग डाक टिकट का ही प्रयोग करें, जिससे मिथिला की सांस्कृतिक प्रतीक चिन्ह को बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि मिथिलालोक फाउंडेशन कुछ वर्षों से मिथिला के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उत्थान हेतु ’पाग बचाउ अभियान’ राष्ट्रीय स्तर पर चला रहा है। इस अभियान से देश विदेश में फैले एक करोड़ से ज्यादा मैथिल जुड़ चुके हैं। परिणाम यह है कि सरकार की नजर मिथिला पाग पर पड़ी और मिथिला पाग को डाक टिकट पर जगह मिली। मिथिला को आजतक राष्ट्रीय स्तर पर इतनी तरजीह नही मिली थी। मिथिलालोक फांउडेशन के बैनर तले दिल्ली एवं बिहार में पाग मार्च निकाला गया था। इतना ही नहीं संस्था ने दिल्ली से देवघर तक सैकड़ों पाग कावरियां ले जाने का काम किया था। पाग की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कई विधायक ने पिछले साल विधानसभा में पहली बार पाग पहनकर जाने का निर्णय लिया था। केन्द्र सरकार ने पाग टिकट जारी कर भगवान शंकर की उस नगरी को सम्मान दिया है जहां वे कभी उगना बन कर आए थे। इस बावत मिथिलावासियों में खुशी देखी जा रही है।

Check Also

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन दरभंगा की पहल, सहायक निदेशक आशीष अमन ने लाभुकों को सौंपी ट्राई साइकिल की चाबी

सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। दिव्यांगजनों को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समाज की मुख्यधारा …

लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 में 5 नामजद आरोपितों पर कार्रवाई, नाबालिग से छेड़खानी मामले का दरभंगा पुलिस ने किया खंडन

दरभंगा। स्वर्णिम टाइम्स पर “दरभंगा शहर में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का मामला, …

दरभंगा शहर में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 दर्ज 3 हफ्ते बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं

दरभंगा। बिहार के दरभंगा शहर में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *