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ग्राम रोजगार सेवकों ने किया पथराव, पुलिस ने भांजी लाठियां

बीकेटी/लखनऊ(राज प्रताप सिंह)-लखनऊ लक्ष्मण मेला स्थल पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे ग्राम रोजगार सेवकों और पुलिस के बीच सोमवार की शाम को खूब टकराव हुआ। सीएम आवास घेरने जाने से रोकने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें दौड़ा कर पीटा। पथराव व लाठीचार्ज में दर्जनों पुलिसकर्मी व प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। पुलिस ने 13 लोगों को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
रोजगार सेवक संघर्ष समिति के प्रदर्शनकारी पिछले 14 दिन से अपनी मांगों को लेकर लक्ष्मण मेला मैदान पर धरना दे रहे हैं। समिति के संयोजक कमलेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने रविवार को घोषणा कर दी थी कि अगर उनकी मांगे पूरी न हुईं तो सोमवार को सीएम आवास का घेराव करेंगे। पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने सोमवार को भी पहले 2:00 बजे फिर 3:00 बजे वार्ता करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इस पर प्रदर्शनकारियों ने विधान भवन के लिए कूच करना शुरू कर दिया। प्रशासन ने पहले तो लक्ष्मण मेला मैदान का मुख्य द्वार बंद किया। फिर गेट और रेलिंग पार करने का प्रयास करने वाले प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने पत्थर और कांच जो भी मिला वह बाउंड्री के बाहर खड़े पुलिस कर्मियों पर फेंकना शुरू कर दिया। ऐसे में प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे। एक घंटे के बाद जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चारों तरह से घेरा तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका।
खाली करवाया लक्ष्मण मेला स्थल
इसके बाद पुलिस पुलिस कर्मियों ने ग्राम रोजगार सेवकों की धड़पकड़ शुरू की। शाम होने पर लक्ष्मण मेला मैदान पर प्रदर्शन कर रहे बाकी प्रदर्शनकारियों को भी यह कहते हुए खदेड़ दिया गया कि लक्ष्मण मेला स्थल पर रात में रुकने की इजाजत नहीं है। इस दौरान उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ ने खुद ही अपनी सभा समेट ली। जबकि 135 से दिन से धरना दे रहे उत्तर प्रदेश सोशल ऑडिट महासंघ के प्रदर्शनकारियों को भी भगा दिया गया। पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति उत्तर प्रदेश, सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम इम्पलाइज यूनियन, आंगनबाड़ी सहित अन्य प्रदर्शनकारियों को भी वहां से हटा दिया गया। दूसरी ओर आदर्श साक्षरताकर्मी वेलफेयर असोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें हटाया नहीं गया है इसलिए उनका धरना शान्तिपूर्वक जारी रहेगा। एएसपी पश्चिमी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि बिना अनुमति प्रदर्शन न करने की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद कोई प्रदर्शन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों की मांगें
प्रदर्शनकारी भूपेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के 38 हजार ग्राम रोजगार सेवकों की मांग है कि पंचायत सहायकों की भर्ती पर रोक लगाई जाए। नगर निकायों में शामिल हो चुके ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवकों को रिक्त ग्राम पंचायतों में समायोजित किया जाए। उन्हें समूह ‘ग’ के राज्य कर्मचारियों की तरह वेतन दिया जाए। जॉबकार्ड में मनरेगा के अतिरिक्त दूसरे काम भी जोड़े जाएं। सेवा नियमावली निर्धारित की जाए। साथ ही बकाया मानदेय का भुगतान किया जाए।

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