डॉ0एस.बी.एस.चौहान।
चकरनगर,इटावा।विकास खंड में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह फैले हुए है। ,ये डॉक्टर जो बिना किसी डिग्री व शासन के रजिस्ट्रेशन के बिना ही गरीब जनता के साथ डॉक्टरी करते है ,वहीं जिम्मेदार विभाग की कार्यवाही न होने से आये दिन इन झोलाछापों के हौसले बुलंद है । विकासखंड चकरनगर के अंतर्गत झोलाछाप, बंडलछाप कथित डॉक्टरों की मानो बाढ़ सी आई हुई है। कथित डॉक्टर्स जो बगैर पढ़े-लिखे, बगैर डिग्रीधारक बगैर किसी प्रकार की ट्रेनिंग लिए समाज में धड़ल्ले के साथ अपनी अपनी प्रेक्टिस का जोर आजमाइश करने में लगे हुए हैं क्योंकि सीजन आने वाला है सीजन से आने के पूर्व अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं ताकि सीजन पर भेड़ की तरह ऊन कतरने का मौका स्वतंत्र रूप से मिल सकेगा। इन बेलगाम डॉक्टरों पर किसी प्रकार का प्रशासनिक कोई अंकुश नहीं है और यह वेखौफ चिकित्सा का कार्य एलोपैथिक, आयुर्वेदिक सहित न जाने कितनी प्रणालियों के अंतर्गत इलाज का काम सुचारू रूप से साइकिल पर झोला टांगकर, मोटरसाइकिल पर बेग टांगकर और अपनी डिस्पेंसरी खोलकर करने में महारत हासिल किए हुए हैं। इतना ही नहीं यह हाल पशुधन का भी है क्षेत्र में पशुधन विभाग के भी लगभग एक दर्जन कथित डॉक्टर्स अपनी अपनी प्रेक्टिस करने में लगे हुए हैं जिनसे दर्जनों पशु अज्ञानतावश बेमौत काल के गाल में समाहित हो जाते हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार ह्यूमन कथित डॉक्टर्स विकासखंड के अंतर्गत लगभग 130 बताए जाते हैं जिसमें बंडल छाप का मानना है कि जो हल्दी मिर्ची धनियां दुकान पर बेचते हैं वह भी अच्छी खासी प्रेक्टिस कर मोटी रकम पैदा कर रहे हैं। यह कथित डॉक्टरों के इलाज से तमाम जवान, बेजुबान काल कवलित हो जाते हैं या भयंकर किसी बीमारी से पीड़ित होकर मरणसन्न हालत मैं सेंफई दाखिल कराए जाते हैं।
ये झोला छाप डॉक्टर्स अपने आपको सर्जन से कम नही समझते ,भगन्दर ,बवासीर का ऑपरेशन चुटकी में करने का करते है दावा !,
और किसी से नही डरते , चाहे कानून हो या कोई और ,
बडा बवाल।यह कि आखिर कब तक ये डॉक्टर्स गॉंव के गरीब जनता का मच्छरों की तरह खून चूंसते रहेंगे? क्या भविष्य मे लगेगी इन पर लगाम ..?क्या स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद से जागेगा?
यह एक बहुत बड़ा सवाल बनकर रह गया है।
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