मधुबनी/आकिल हुसैन-संवाददाता।
एनआईओएस से अप्रशिक्षित शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है। राज्य मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे शिक्षकों की निशानदेही कर संबंधित एचएम व शिक्षक सहित अनुशंसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
आदेश में ऐसे कर्मियों व अधिकारियों पर प्राथमिकी सहित विभागीय कार्रवाई को कहा है। दरअसलए नामांकन आनलाइन किया गया था। इसमें गड़बड़ी होने की शिकायत मिलने पर डीईओ व एसएसए डीपीओ ने सभी बीईओ को प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों की पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया था।
जिसमें शिक्षकों के स्कूल योगदान की तिथि व अन्य आंकडें देने को निर्देशित किया गया था। लेकिन बीईओ हर आदेश की अनदेखी करता रहा है। अंततरू डाटा नहीं मिल पाने पर डीपीओ व संभाग प्रभारी के खिलाफ वेतन बंद करने की कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि मामले में बीईओ की सीधी संलिप्ता होने की जानकारी विभाग को दी गयी है।
जानकारी हो कि विभिन्न सरकारी विद्यालयों में एचएम ने गैर नियोजित शिक्षकों को अपने यहां के शिक्षक बताकर एनआईओएस में नामांकन करा दिया है। अब ये एचएम अपने प्रखंड के बीईओ व मैसेंजर से मिलीभगत कर वेतन भुगतान कराने का खेल कर रहे हैं। अब सवाल है कि जब ये शिक्षक थे तो इग्नू प्रशिक्षण, चुनाव कार्यए विभाग के अन्य प्रशिक्षण क्यों नहीं शामिल हुए।
इसतरह की शिकायत के बाद ही डीईओ व डीपीओ ने बीईओ से रिपोर्ट तलब की है। जिसे इनके द्वारा अनसुना किया जा रहा है। विभिन्न संगठनों ने हरलाखी, लौकही, बेनीपट्टी, मधवापुर, फुलपरास, जयनगर, लदनियां, बिस्फी व अन्य प्रखंडों में ऐसे शिक्षकों के प्रशिक्षण लेने की शिकायत राज्य मुख्यालय व जिला पदाधिकारी से की है।
राजनगर में एक ही स्कूल में ऐसे तीन शिक्षकों के प्रशिक्षण लेने का मामला सामने आ चुका है। बाबवजूद बीईओ रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। जिससे साबित होता है कि अनियमितता में इनकी मिलीभगत है।
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