मुजफ्फरपुर : शहर के पूर्वी हिस्से में बाढ़ का पानी घुस गया है। शहर के वार्ड 45, 46, 47 के घर पूरी तरह डूबे हुए हैं। जिला प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी करते हुए टाउन में सिर्फ घोषणायें करवाई जा रही है । मोहल्ले वालों के लिए बाढ़ के पानी से बाहर आने के लिए प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। इस कारण लोग ट्रक के ट्यूब और प्लास्टिक के ड्रम जोड़कर नाव का काम ले रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोग थर्मोकॉल पर भी घर से जरूरी सामान निकल रहे हैं। शहर की फैज कॉलोनी, सर सैयद कॉलोनी, रामबाग और चूना गली तक बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। ट्यूब की नाव से महिलाओं व बच्चों को भी सुरक्षित स्थानों तक ले जाया जा रहा है। 
इधर अन्य इलाकों में लोग बुधवार को बूढ़ी गंडक के जलस्तर बढ़ने की आशंका से ग्रस्त हैं। रजवाड़ा में बूढ़ी गंडक का बांध टूटने के तीसरे दिन बाढ़ के पानी का शहर की ओर आने का सिलसिला जारी रहा। पानी शहर के बीएमपी-6 के बाद रामबाग चौरी व चंदवारा में दाखिल हो गया। बीएमपी-6 से यह पानी दो दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। एक ओर जगदीश नगर, कलकतिया गाछी, कन्हौली विशुन्दत होते हुए डीएवी मालीघट के पार अमरूद बगान की ओर आ रहा है तो दूसरी ओर पानी बीएमपी-6 के नाले से होते हुए रामबाग व मिठनपुरा की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
उधर, मुशहरी में मुजफ्फरपुर-पूसा रोड पर बूढ़ी गंडक का पानी बहने लगा है। इससे खतरा और बढ़ गया है। रजवाड़ा बांध व रोहुआ पुल के टूटने के बाद शहर की ओर बढ़ते पानी की रफ्तार और तेज हो गई है। रोहुआ व मनिका मन होते हुए पानी बीएमपी-6 व डीएवी मालीघाट तक दाखिल हो चुका है। लोग सड़कों पर आ गए हैं।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !