Breaking News

बिहार :: मैट्रिक गुरू का जलवा बरकरार, सीबीएसई के बच्चों ने दिखाया दस का दम

दरभंगा : लंबे इंतजार के बाद जब सीबीएसई दसवीं के परिणाम आए तो परिणाम देखते ही मेधावियों के चेहरे की चमक चौगुनी हो गई। विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और परिश्रम का फल 10 सीजीपीए के रूप में मिला। दसवीं में भी इस बार जमकर अंक बरसे।

न प्रतिशत, न टॉपर की होड़ सबके चेहरे पर बराबर की खुशी। दस सीजीपीए पाने वाले मेधावियों ने एक साथ मनाया कामयाबी का जश्न।

जिले में मैट्रिक गुरू के नाम से प्रख्यात नितिन शर्मा के बच्चों ने सफलता अर्जित करने पर जमकर जश्न मनाया एवं एक दूसरे को मिठाइयां खिलाते हुए जमकर खुशियां बांटी। मैट्रिक गुरु ने बच्चों से कहा कि “यू न बैठ थक के कि तेरी उड़ान अभी बाकी है ,अभी तो जमी खत्म हूई ,पूरा आसमान अभी बाकी है।”

नाग मंदिर ,मिश्रटोला स्थित मैट्रिक गुरू नितिन शर्मा ने मैट्रिक में सफल सभी छात्र-छात्राओं को ढ़ेर सारी शुभकामनाएं दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की । मैट्रिक गुरू ने बताया कि उनके संस्थान के भी छात्रों ने अपनी सफलता का परचम पुनः लहराया ,विगत वर्ष से अधिक छात्र -छात्राएँ इस वर्ष सफल हुए हैं।.सफल छात्र -छात्राओं ने अपने गुरू नितिन शर्मा को ढ़ेर सारी बधाईयाँ दी तथा अपनी सफलता का श्रेय मैट्रिक गुरू नितिन शर्मा तथा अपने माता-पिता को दिया। 10 सीजीपीए लाये छात्रों में सारिक रज़ा कादरी ने बताया कि नितिन सर के सही मार्गदर्शन ,नियमित टेस्ट ,NCERT की गणित ,विज्ञान की किताब पर फोकस करने तथा माता-पिता के आशीर्वाद से उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई। सारिक ने बताया की वह पढ़ लिखकर डॉक्टर बनना चाहता है तथा देश का नाम, माता-पिता ,अपने गुरू का नाम रौशन करना चाहता है।

 बच्चों के लिए ग्रेडिंग सिस्टम का रहा अंतिम बैच

मैट्रिक गुरू नितिन शर्मा ने बताया कि दसवीं पास करने वाले विद्यार्थियों का यह अंतिम बैच है। जिसका परीक्षा परिणाम सीजीपीए (क्यूमूलेटिव ग्रेड प्वाइंट्स एवरेज) के रूप में जारी हुआ है। आगामी सत्र से सीसीई पैटर्न के तहत ग्रेडिंग सिस्टम को खत्म कर एक बार फिर से पुरानी व्यवस्था प्रतिशत वाली लागू कर दी जाएगी।

क्या कहते हैं बच्चे

बच्चों ने एक सुर में कहा साल भर की मेहनत रंग लाई। बच्चों का कहना था कि परीक्षा से पहले पूरा सिलेबस कंप्लीट कर चुके थे। सफलता के लिए विद्यार्थियों को शाटॅकट अपनाने के बजाय पूरा सिलेबस पढ़ना चाहिए। वहीं रेगुलर मेहनत और मैट्रिक गुरू के उचित मार्गदर्शन से यह मुकाम हासिल करने की बात कही। प्रतिक्रिया देने वालों में रिषु राज,राबिया नाज ,खलिदा नाज ,आरती ,मिर्जा बसर बेग ,सफराज,फैजल,बिनिता,नूर फातिमा,अलिजा निगार, आसिफ,आसिम आदि शामिल थे। सबों में काफी उत्साह था। कोई इंजीनियर ,कोई CA तो कोई डॉक्टर बनना चाहता है। 

Check Also

न्याय मार्च :: पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराए सरकार, दरभंगा में पत्रकारों ने काला पट्टी बांधकर बेनीपट्टी के पत्रकार अविनाश की हत्या के खिलाफ निकाला कैंडल मार्च

विजय कुमार भारती की स्पेशल रिपोर्ट : आज जहां पूरा देश में राष्ट्रीय प्रेस दिवस …