यूपी :: मोबाइल एसएमएस के जरिये दें कोर्ट की सुनवाई हेतु तारीख – पीएम मोदी

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इलाहाबाद : हाई कोर्ट की 150वीं सालगिरह के मौके पर शपथग्रहण के बाद सीएम योगी पहली बार पीएम मोदी के साथ किसी सार्वजनिक मंच पर हैं. प्रधानमंत्री का विमान सुबह 10 बजे शहर से बाहर स्थित बमरौली हवाईअड्डे पर उतरा, जहां योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया. हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक भी थे. इसके बाद पीएम उच्च न्यायालय परिसर के लिए रवाना हुए.इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे देश के चीफ जस्टिस से एक संकल्प के लिए प्रेरित किया है. अब हमारा प्रमुख लक्ष्य उसको पूरा करने का रहेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस संकल्प के लिए चीफ जस्टिस ने प्रेरित किया है, उनके सपने को पूरा करने के लिए हमें जो भी करना होगा हम करेंगे. उन्होंने कहा कि आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह समारोह नयी ऊर्जा व नये संकल्प पूरा होने का अवसर बन सकता है. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की सुनवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा, मुझे भरोसा है कि योगी के कार्यकाल में यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरेगी. पीएम ने कहा कि किसी मामले पर कोर्ट की सुनवाई के लिए मोबाइल पर तारीख दी जाने की व्यवस्था शुरू होनी चाहिए. उन्होंने कहा, हमने अब तक 1200 कानूनों को खत्म किया है. इससे पहले प्रधानमंत्री ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के शताब्दी वर्ष पर देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद के संबोधन का एक पैरा ग्राफ पढ़ा.

सीएम योगी ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं होता है. इस समारोह में शामिल होना सौभाग्य की बात है. कानून का स्थान शासकों से ऊपर होता है. कानून शासकों का शासक है. वादियों को निष्पक्ष न्याय देना सरकार का कर्तव्य. कानून से ही समाज चलता है. न्याय और विधि एक-दूसरे के पूरक हैं. न्याय व्यवस्था देश और समय के साथ बदलती रही है. इलाहाबाद हाई कोर्ट देश का सबसे बड़ा हाई कोर्ट है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं.

समारोह में पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ डिप्टी सीएम केशव मौर्या, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जीएस खेहर और यूपी के गवर्नर राम नाइक भी प्रोग्राम में शामिल हुए. केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी कार्यक्रम में मौजूद हुए. कोलकाता और मुंबई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत के कई न्यायाधीश भी कार्यक्रम में मौजूद हैं.