राज प्रताप सिंह,ब्यूरो लखनऊ
परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात करने, परीक्षा कक्ष में बैक और फ्रंट कैमरा के साथ-साथ वॉइस रिकॉर्डर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को भी कहा गया है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 2019 का आयोजन फरवरी में होगा। परीक्षा की समय सारणी अगले सप्ताह तक जारी कर दी जाएगी।डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि फरवरी में ही परीक्षा संपन्न हो जाएगी।उन्होंने कुंभ स्नान के मुख्य दिनों में परीक्षा नहीं कराने के निर्देश दिए गए हैं।विधान भवन में आयोजित बैठक में डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि ब्लैक लिस्टेड विद्यालयों को किसी भी स्थिति में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कक्ष क्षमता के अनुरूप किया जाए और उसी के अनुसार परीक्षार्थी आवंटित किए जाएं। वहीं एक ही सोसाइटी या प्रबंधन के विद्यालयों के विद्यार्थियों को उनके ही विद्यालयों में परीक्षा केंद्र नहीं दिया जाए।

परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात करने, परीक्षा कक्ष में बैक और फ्रंट कैमरा के साथ-साथ वॉइस रिकॉर्डर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को भी कहा गया है।डिप्टी सीएम ने अभियान चलाकर माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई और पाठ्यक्रम पूरा किए जाने के निर्देश दिए।साथ ही कहा कि जिन विद्यालयों में पठन-पाठन नहीं हो रहा है, उन्हें चिह्नित करें।
1923 में पहली बार आयोजित हुई थी यूपी बोर्ड की परीक्षा
बात अगर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की करें तो यूपी बोर्ड का गठन 1921 में हुआ था।लेकिन यूपी बोर्ड की पहली परीक्षा 1923 में आयोजित की गई थी।यूपी बोर्ड की पहली परीक्षा में हाईस्कूल में 5655 परीक्षार्थी और इण्टर में 89 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए थे।
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इस दौरान हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 171 और इण्टर की परीक्षा के लिए मात्र एक परीक्षा केन्द्र बनाया गया था।यूपी बोर्ड के 95 वर्षों के सफर के बाद यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या 66 लाख 37 हजार 18 (66,37,018) पहुंच गई है।वर्ष 2018 की हाईस्कूल की परीक्षा में 36,55,691 परीक्षार्थी और इण्टरमीडिएट की परीक्षा में 29,81,387 परीक्षार्थी बोर्ड की परीक्षा में सम्मिलित हुए थे।
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