डेस्क : राज्य सरकार के निर्णय से जल संसाधन विभाग के अभियंताओं में हड़कंप मच गया हैं. 50 वर्ष से अधिक उम्र के वैसे अभियंता जिनकी कार्य दक्षता एवं आचार ऐसा नहीं है जिससे उन्हें सेवा में बनाए रखना न्यायसंगत नहीं है, उनको अनिवार्य सेवानिवृत्त देने का निर्णय लिया है.
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इस आशय का संकल्प पत्र जारी करते हुए जल संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव प्रबंधन राकेश कुमार ने कहा है कि यह निर्णय बिहार सेवा अधिनिनियम 74 के तहत लिया गया है. राज्य सरकार के निर्देश का अनुपालन करने के लिए विभागीय स्तर से तीन कमेटी का गठन किया गया है.

पहली कमिटी में बिहार सेवा अभियंत्रण समूह क कार्यपालक अभियंता एवं उच्च पदों के लिए जल संसाधन विभाग के सचिव, अपर सचिव, संयुक्त सचिव, प्रबंधन, उपसचिव एक अवर सचिव प्रभारी शाखा को शामिल किया गया है.
वहीं दूसरी कमेटी में बिहार अभियंत्रण सेवा समूहों ख राजपत्रित सहायक अभियंता के लिए जल संसाधन विभाग के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, उपसचिव एक प्रबंधन एवं अवर सचिव प्रबंधन प्रणाली 7 को शामिल किया गया है. जबकि बिहार अभियंत्रण सेवा समूह के अराजपत्रित व कनीय अभियंता के संबंध में निर्णय लेने के लिए बनाई गई कमेटी में अभियंता प्रमुख मुख्यालय, उप सचिव प्रबंधन व अवर सचिव प्रबंधन प्रभारी शाखा को शामिल किया गया है.

इस संबंध में जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा है कि उन्होंने प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे चुके हैं.गठित टीम इस संबंध में निर्णय लेकर जल संसाधन मंत्रालय को अवगत कराएगी. राज्य सरकार के इस निर्णय से जल संसाधन विभाग के अभियंताओं में हड़कंप मच गया हैं.
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