बिहार :: बिहार उद्यमी संघ चतुर्थ उद्यमिता सम्मेलन का दूसरा दिन, साँझा किये विचार।

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पटना :: बिहार उद्यमी संघ द्वारा सुबह के 10.30 बजे से चतुर्थ उद्यमिता सम्मेलन के दुसरे दिन का आयोजन पटना के मौर्या होटल में किया गया | कार्यक्रम का शुभारंभ उद्योग विभाग के सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ के द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया | आज का कार्यक्रम तीन सत्र में विभक्त था-

पहला सत्र का विषय स्टार्ट अप बिहार – आगे का मार्ग था | पैनल में कैरो सोसाइटी से श्री ध्रुव सेहरा, आईडी एट वेंचर के सीईओ श्री अमित मिश्रा, रैकचेम्प्स के फाउंडर श्री शशिमोहन, लेविशा इन्फ्रास्ट्रक्चर के सीएमडी श्री स्वराज सिन्हा, टेक्नोलॉजी पोर्ट के सीईओ श्री अमर कुमार जाम्बियार ने अपने विचार रखे | सत्र का सञ्चालन एवं अध्यक्षता डॉ. एस. सिद्धार्थ ने किया |
इस अवसर पर डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि आज का सत्र तकनीकी सत्र है और ये बीईए के चार वर्षो का प्रयास है कि बिहार में उद्यमिता का माहौल बन रहा है, और जैसा कि कल माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा अगले वर्ष बिहार उद्यमिता सम्मेलन सम्राट अशोक इंटरनेशनल कांवोकेशन में करेंगे और 5000 से अधिक उद्यमी भाग लेंगे | डॉ सिद्धार्थ बिहार स्टार्ट अप नीति के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा की यह नीति अन्य राज्यों के नीतियों के अच्छाईयों का समावेश है | श्री अमर जाम्बियार ने कहा कि उद्यमिता के लिए रिस्क लेना जरुरी है, रिस्क लेने वाला व्यक्ति ही उद्यमी हो सकता है | श्री ध्रुव शेहरा ने बताया कि समयानुकुल उद्यमिता होनी चाहिए और उसके लिए उद्यमिता में इनोवेशन जरुरी है | श्री अमित मिश्रा ने कहा कि हमें हर चीज के लिए सरकार के भरोसे नहीं रहनी चाहिए, सिर्फ स्टार्ट अप फण्ड लेने के उद्देश्य से स्टार्ट अप नहीं किया जाता है | उद्यमिता एक पैशन है | उन्होंने बीइए के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की पहली बार हमने सरकार और निवेशकों के साथ स्टार्ट अप का सीधा संवाद देखने को मिला है |

दुसरे सत्र का विषय बिहार में निवेश था | इस सत्र में कुल 8 पैनेलिस्ट थे | पैनल में फार्म एंड फार्म के फाउंडर श्री शशांक कुमार, आई आई एम कोलकाता के प्रोफेसर सी. डी. मित्रा, एनसिएमएल फाइनेंस से श्री मुक्तेश पारीक, ओएसिस सोशल इनोवेशन लैब के फाउंडर एवं अशोका फेलो श्री प्रदीप घोष, टारगेट अक्स्लेरेटर से श्री अभय टंडन, बिहार सरकार के तकनीकी निदेशक श्री रविन्द्र कुमार, आस्ट्रेलिया से आये इनोटेक के फाउंडर श्री गर्त हेल्लोवे थे | सत्र का सञ्चालन एवं अध्यक्षता आईआईएम कोलकाता इनोवेशन पार्क के सीईओ श्री एस. सान्याल ने किया |
श्री सान्याल ने कहा कि बिहार में उद्यमिता में बहुत अवसर है सिर्फ इनोवेशन पूर्ण उद्यमिता की आवश्कता है | आज इतने सारे निवेशक यहाँ आये हैं, सरकार निवेश को तैयार है | श्री सान्याल ने स्टार्टअप को बीईए के मेंटरशिप में आईडिया पर सही दिशा में कार्य करने की सलाह दी है ताकि अधिक से अधिक निवेश संभव हो सके | प्रोफेसर सि. डी. मित्रा ने सभी बिहारियों को बिहार में अपना उद्यम लगाने की सलाह दी | श्री प्रदीप घोष ने सामाजिक उद्यमिता पर जोड़ देने को कहा | श्री घोष ने कहा कि अगर आपके पास इनोवेटिव आईडिया है आपमें दृढइच्छाशक्ति है तो आप अवश्य कामयाब होंगे | श्री मुक्तेश ने कहा कि उनकी कंपनी बिहार में निवेश को इच्छुक है और कृषि के क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्ट अप में निवेश कर रही है |

तीसरे सत्र का विषय बिहार में महिला उद्यमिता था | इस सत्र में कुल 5 पैनेलिस्ट थे | पैनल में बिहार सरकार के उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार, योर स्टोरी से तन्वी दूबे, सुपर सेवा, बेंगलोर से कुमुद शर्मा, जिएसटी सुविधा के को-फाउंडर श्वेता सिंह थे | सत्र का सञ्चालन एवं अध्यक्षता महिला विकास निगम की एमडी डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने किया |

डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने महिलाओं को उद्यमिता में आने का आह्वान किया | उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं के लिए अनेक अवसर हैं | श्री साकेत कुमार ने कहा कि सरकार की स्टार्ट अप नीति में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किया गया है | महिला उद्यमियों को विशेष सहायता प्रदान किया जाएगा | तन्वी दुबे ने कहा कि उन्होंने बिहार के कई महिलाओं की सफलता की कहानी को प्रकाशित किया है और कई जगहों पर प्रेजेंट किया है | उन्होंने महिला उद्यमियों को बीइए से जुड़ने की सलाह दी ताकि सही मार्गदर्शन और माहौल में अपने उद्योग का विकास कर सकें |

इस अवसर पर मिलेनियम अलायन्स के द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया साथ ही आई आई एम कोलकाता द्वारा आईडिया पिचिंग प्रतियोगता के विजेताओं को एक लाख का नकद पुरस्कार दिया गया |

इस वर्ष के आयोजन समिति में कुल 50 लोग बिहार सरकार के उद्योग विभाग से हैं और 50 लोग बिहार उद्यमी संघ से हैं | गौरतलब हो कि यह आयोजन उद्योग विभाग, बिहार सरकार, इंटरप्रेंयूर्स असोसिएशन ऑफ़ इंडिया (EAI), आई आई टी पटना, आई आई एम् कोलकाता, अंतररास्ट्रीय मजदूर संगठन, वर्ल्ड इकनोमिक फोरम का ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी, टारगेट एक्सलेरेटर, अमेज़न, आइबीएम, कैरो सोसाइटी, एफ टू एफ, स्केल वेंचर्स, योर स्टोरी आदि 27 राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से किया जा रहा है |
इस अवसर पर बिहार उद्यमी संघ के प्रेसिडेंट श्री कौशलेन्द्र ने बताया कि बिहार में इस तरह का यह चौथा आयोजन किया जा रहा है जब आम लोगों के बीच उद्यमिता पर चर्चा किया जा रहा है और बिहार के आम लोगों के मस्तिष्क में उद्यमिता के प्रति एक सकारात्मक विचार उभर रहा है, जहाँ अन्य विकसित देशों की तरह यहाँ भी माता-पिता अपने बच्चों को उद्यमी बनने लिए प्रेरित कर रहे हैं | युवाओं में स्टार्ट अप पालिसी और उद्योग नीति पर चर्चा हो रही है | देश-विदेश के निवेशक, एंजल इन्वेस्टर, वेंचर कैपटलिस्ट, स्टार्ट अप एक्सलेरेटर बिहार के युवा उद्यमियों में निवेश की संभावना तलाश रहे है |
बिहार उद्यमी संघ के महासचिव श्री अभिषेक कुमार ने कहा की अब स्थिति बहुत ही सकारत्मक है, बड़े-बड़े निवेशक अब बिहार के स्टार्टउप में अपना निवेश करना चाह रहे है और कर भी रहे है| इस क्रम में इन्होने सम्मेलन के पिछले यात्रा के बारे भी विस्तार से अपने स्वागत भाषण में कहा और पिछले तीन वर्ष के प्रयास की यह सफलता है कि इस बार के बिहार उद्यमी सम्मेलन में 1000 से अधिक स्टार्टअप और 4000 से अधिक युवा उद्यमी और देश-विदेश के 100 से अधिक निवेशक, उद्योग गुरु एवं उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं |

गौरतलब है कि बिहार उद्यमी सम्मेलन की शुरुवात 2014 में हुई थी, जिसमे पहली बार बिहार में युवा उद्यमियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया और सरकार से बिहार में उद्यमियों के लिए एक इको सिस्टम डेवलप करने के लिए स्टार्टअप नीति बनाने का आग्रह किया गया | वर्ष 2015 में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने बिहार उद्यमी सम्मेलन के मंच से स्टार्टअप कमिटी गठन करने की घोषणा की और वर्ष 2016 में पहली बार बिहार में स्टार्टअप नीति लाया गया | बिहार को अगला स्टार्ट अप हब बनाने के लिए बिहार उद्यमी संघ द्वारा बिहार स्टार्टअप यात्रा का शुरुवात किया गया और सरकार द्वारा 500 करोड़ वेंचर कैपिटल फण्ड की घोषणा की गयी और इन्क्यूबेशन सेण्टर बनाया गया | वर्ष 2016 में उद्योग संवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्टार्ट अप नीति को क्रियान्वित करने का प्रयास किया गया और परिणाम स्वरुप 100 से अधिक स्टार्ट अप बिहार में सरकार की नीतियों से लाभान्वित हुए।