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बिहार :: एन०सी०सी० बटालियन को एसडीआरएफ की टीम ने अग्नि सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम के तहत फाइट डिजास्टर की जानकारी दी।

जन- जन तक पहुंचा रहे अग्नि सुरक्षा का गुर सिखा रहे एसडीआरएफ की टीम.

आत्म सुरक्षा का गुर सिखा रहे SDRF की टीम ने आज NCC के बच्चों को अग्नि से सुरक्षा हेतु प्रशिक्षण दिया। आज सुबह 11:00 बजे भागलपुर शहर के खिरनी घाट स्थित स्कूल में छात्र एवं छात्राओं को फायर डिजास्टर से जुड़ी पूर्ण जानकारी दी गई। यह वही स्थान है जहां बीते कुछ दिन पहले एक बहुत बड़ी घटना आग से हुई थी , जहां 5 झोपड़ियां समेत जान-माल का भी नुकसान हुआ था। NCC बटालियन के 200 बच्चों ने डिजास्टर सुरक्षा के कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में बच्चों को अग्नि से बचाव हेतु कैसे अपने आप को आपातकालीन स्थिति में बचाया जा सके उसे बतलाया गया। यह कार्यक्रम एसडीआरएफ टीम के कमांडर गणेश जी ओझा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। बच्चों का मनोबल और उत्साह देखते हुए SDRF की टीम ने शांतिपूर्वक गैस सिलेंडर में लग गई आग एवं उसके भयानक विस्फोट होने के बचाव की जानकारी दी गई। गणेश जी ने मॉक ड्रिल के सहायता से सिलेंडर में आग लगाकर और उसे बुझाकर दिखाया, फिर 4-5 NCC के बच्चों एवं बच्चियों को भी इसे प्रैक्टिकल के माध्यम से बताया गया।


आग का मुख्य कार्यक्रम के बाद एसडीआरएफ कमांडर ने भूकंप पर कैसे अपने आप को सुरक्षित रखे उसकी भी जानकारी मुहैया कराई. उन्होंने बताया कि अगर भूकंप की संभावना लगे तो घबराए नहीं अपनी युक्ति से काम लें।  गणेश जी ने बताया कि भारत और नेपाल में भूकंप से हुए हादसों से रुह कांप उठती है। कई बार ऐसे हादसे होते हुए नजर आए हैं। बहुत जान – माल का नुकसान भी हुआ था। लोग भूकंप के नाम से सहम और डर जाते हैं।  जब भूकंप आता है तो वायुमंडल के ऊपर क्षेत्र में रेडान गैस की मात्रा बढ़ जाती है। धरती में जिस स्थान पर भूकंप आता है उसके नीचे के भाग को अंतः केंद्र (फोकस) कहलाता है और धरती के जिस भाग में भूकंप की तरंगे सर्वप्रथम पहुंचती हैं उसे अधिगम कहते हैं। भूकंप की तरंग अधिक घनत्व वाले पदार्थ से गुजरने पर अधिक तीव्र और कम घनत्व वाले पदार्थ पर शक्तिहीन हो जाती है।  यह धरातल के किसी भी भाग में पहुंच सकती है। भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिसे ना तो रोका जा सकता है और ना ही इसका कोई पूर्व अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन इन प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत किया जा सकता है, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।


NCC के कंपनी कमांडर अहमद जी और अमर कुमार के साथ एसडीआरएफ कंपनी कमांडर गणेश जी ओझा के टीम के साथ S.I. संजीत कुमार, अनिल कुमार, मुस्तकीम, सुरेंद्र मंडल, सोनू कुमार यादव इस कार्यक्रम का आयोजन करके बच्चों में आत्मविश्वास है को बढ़ावा दिए।


SDRF TEAM (आपदा प्रबंधन )द्वारा तैयार किया गया टिप्स ::–

1. भूकंप के लिए हमेशा और हर वक्त तैयार रहना चाहिए।

2. घर बनवाते समय घर की मजबूती के लिए घर के पिलर (पाया) को ठोस बनवायें और भूकंपरोधी रोड का इस्तेमाल करें।

3. घर में इस प्रकार सामान रखें की आपदा के वक्त आप आसानी से बाहर निकल सकें, यह नियम ऑफिस में भी लागू होता है।

4. हमेशा घर में फर्स्ट एड किट को तैयार रखें।
जब भूकंप आए तो क्या करें ::–
1. जैसे ही आपको भूकंप के झटके महसूस हों, वैसे ही आप किसी मजबूत टेबल के नीचे बैठ जायें और कसकर पकड़ लें।
2. जब तक झटके जारी रहें, तबतक एक ही जगह बैठे रहें। या जब तक आप सुनिश्चित न कर लें कि आप सुरक्षित ढंग से बाहर निकल सकते हैं।
3. बड़ी अलमारियों से दूर रहें, यदि वो आपके ऊपर गिर गई तो आप चोटिल हो सकते हैं।
4. यदि आप ऊंची इमारत में रहते हैं तो खिड़की से दूर रहें।
5. यदि आप बिस्‍तर पर हैं तो वहीं रहें और उसे कसकर पकड़ लें। अपने सिर पर तकिया रख लें।
6. यदि आप बाहर हैं तो किसी खाली स्‍थान पर चले जायें, यानी बिल्डिंग, मकान, पेड़, बिजली के खंभों से दूर।
7. यदि आप उस समय कार चला रहे हैं तो कार धीमी करें और एक खाली स्‍थान पर ले जाकर पार्क कर दें। तब तक कार में बैठे रहें, जबतक झटके खत्‍म नहीं हो जायें।

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