बेनीपट्टी/मधुबनी : बाढ़ के प्रलय से सुरक्षा देने के लिए मरम्मत कराए गए जमींदारी बांध के गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे है। जमींदारी बांध के मरम्मत में संबेदक की ओर से जमकर धौंस नदी का तलहट काट कर बांध पर बालू युक्त मिट्टी चढ़ा दिया गया है। 
हालांकि, जिलाधिकारी के निर्देष के बाद अब संबेदक बालू युक्त बांध पर मिट्टी डाल कर जेसीबी से समतल करने में जुटा हुआ है। संबेदक का बालू पर भरोसा कितना हद तक बांध को सुरक्षा दे सकता है, ये तो समय ही बताएगा, लेकिन धौंस नदी के तलहट काट लेने से गांव के लोगों को कटाव की चिंता सता रही है। लोगों की माने तो नदी में अधिक जलप्रवाह होने पर पानी मिट्टी भाग वाले इलाकों की कटाव करेगी। जिससे किसानों की खेत नदी में समा जाएगी। बता दें कि नदी के कटाव को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से भी षिकायत की है। गौरतलब है कि बसैठ पंचायत के रानीपुर गांव में गत चौदह वर्षों से जमींदारी बांध के सीमा विवाद को लेकर मरम्मत नहीं किया जा रहा था। वर्ष-2011 में आए प्रलयकारी बाढ़ में रानीपुर गांव करीब चौदह दिनों तक जलमग्न रहा था। लोगों को छतों पर रात गुजारना पड़ा था। वहीं गत वर्ष आए बाढ़ में रानीपुर गांव की स्थिति इतनी खराब हो गई कि छात्र संगठन एमएसयू को गांव में कैंप करना पड़ा। लोगों को सामूहिक रुप से भोजन कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि रानीपुर गांव अन्य गांव की अपेक्षा काफी नीचे है। गांव के बगल में धौंस नदी गुजरती है। जो अन्य नदियों के अपेक्षा अधिक बेग में होती है। तटबंध की मरम्मत नहीं होने से नदी का पानी कुछ ही दिनों में गांव में प्रवेष कर जाता था। जिससे गांव की स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो जाती थी। गौरतलब है कि बांध के मरम्मत के दौरान करहारा गांव में भी नदी का तलहट काट लिया गया है। करहारा में इस कदर तलहट से बालू युक्त मिट्टी काट लिया गया है कि नदी का ओवरफ्लो होते ही गांव के आबादी इलाकों में पानी प्रवेष कर जाएगा। मो. गनी राईन, लाल बाबू झा, श्याम झा समेत कई लोगों ने बताया कि संबेदक की ओर से बांध मरम्मत में मजबूती का ख्याल नहीं रखा गया है। इस संबंध में अंचलाधिकारी पुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बांध के मरम्मत के संबंध में रिपोर्ट वरीय अधिकारी को दी जा चुकी है। रानीपुर के कटाव स्थल के साथ बांध पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से मिट्टी भरा बैग तैयार करने का निर्देष है।
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