सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक शादी समारोह अचानक हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गया। शादी की सारी रस्में पूरी हो चुकी थीं, वरमाला भी हो चुकी थी, लेकिन जैसे ही दूल्हे को मंडप में बैठाया गया, उसकी लड़खड़ाती चाल और असंतुलित व्यवहार देखकर दुल्हन ने साहसिक फैसला लिया और शादी से साफ इनकार कर दिया।

घटना मिरजावा पंचायत के वार्ड नंबर 15, ठाकुर टोला में हुई। कटिहार जिले के फलका निवासी विलाश ठाकुर के पुत्र राजेश कुमार की बारात, स्वर्गीय विजेंद्र ठाकुर की पुत्री नेहा कुमारी से विवाह के लिए पहुँची थी। बाराती स्वागत समारोह और प्रारंभिक रस्मों के बाद वरमाला की रस्म भी पारंपरिक तरीके से संपन्न हुई।
लेकिन मंडप में बैठते ही दूल्हे का असंतुलित और नशे में दिखने वाला व्यवहार सभी के सामने आ गया। दुल्हन नेहा, उसके परिजन और पुरोहित तत्काल समझ गए कि दूल्हे की हालत गंभीर है। इसके बाद नेहा ने बिना किसी दबाव में आए, अपने भविष्य और सम्मान को ध्यान में रखते हुए शादी करने से इंकार कर दिया।
दुल्हन के इस साहसिक फैसले के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। अधिकांश बाराती मौके से लौट गए, लेकिन दूल्हा और उसके पिता ग्रामीणों के बीच फंस गए। ग्रामीणों ने दोनों पक्षों के बीच विवाद को बढ़ता देख हस्तक्षेप किया और दूल्हे के पिता से शादी के दौरान दिए गए उपहार की राशि लौटाने की मांग की।
मामला गुरुवार शाम को शांत हुआ, जब दूल्हे के परिवार ने उपहार की राशि लौटाई और ग्रामीणों ने दोनों को वहां से विदा किया।
ग्रामीणों का कहना है कि दुल्हन ने साहसिक कदम उठाकर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की। नशेड़ी दूल्हे से शादी करने से इंकार कर उसने अपने अधिकार और भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, जो पूरे इलाके में सराहना का विषय बन गया।
यह घटना इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी रस्म और मंडप के बावजूद दुल्हन ने साहस दिखाया, यह समाज में महिलाओं के आत्मनिर्णय की मिसाल है। हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े घटनाक्रम की सूचना स्थानीय पुलिस तक नहीं पहुंची। फिलहाल मामला शांत है, लेकिन गांव में यह घटना लंबे समय तक याद रहेगी और लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहेगी।
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