जन्मदिन विशेष :: चीकू का विराट सफरनामा, बैटिंग में कोहली इंडियावालों की पसंद हैं

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picsart_11-05-04-26-48-240x324उ.स.डेस्क :  विस्फोटक और कलात्मक अंदाज के बल्लेबाज विराट कोहली ने काफी कम समय में क्रिकेट की दुनिया में अपना परचम ऐसा लहराया है कि इनकी तुलना विश्व क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों से होने लगी है.टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली आज अपना 28वां जन्मदिन मना रहे हैं. विराट आज देश के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे चहेते क्रिकेटरों में से एक हैं. देश हो या फिर विदेश हर जगह कोहली के चाहने वालों की एक लंबी फौज है. अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को अंडर-19 विश्व चैंपियन बनाकर सुर्खियों में आए इस खिलाड़ी के खेल का अभी शुरुआती दौर ही है और वह क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के तमाम रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। समय बीतने के साथ वह रिकॉर्ड बुक के काफी पन्नों पर अपना नाम छोड़ने वाले हैं.2012 में कोहली को दुनिया के 10 सबसे अच्छे ढंग से कपड़े पहनने वाले लोगों में शुमार किया गया था. इस लिस्ट में बराक ओबामा भी शामिल थे. टेस्ट कप्तान के रूप में लगातार पहली तीन पारियों में शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी और दो दोहरे शतक लगाने वाले एकमात्र भारतीय टेस्ट कप्तान हैं कोहली.

विराट कोहली का जन्म दिल्ली में 5 नवम्बर 1988 को हुआ था. उनके माता और पिता सरोज कोहली और प्रेमजी है. उनका एक बड़ा भाई, विकास और एक बड़ी बहन, भावना है। कोहली ने विशाल भारती स्कूल से अपनी शिक्षा हासिल की है. उनके पिता, प्रेम, एक वकील थे और उनकी मौत दिसम्बर 2006 में हुई थी. कोहली सुर्खियों में आये जब वे अपने पिता की मृत्यु के दिन कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में दिल्ली के लिए खेल रहे थे. वो एक मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं और दायें हाथ के मध्यम गति गेंदबाज भी हैं. उन्होंने वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी के लिए भी खेला है। उन्होंने एक भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया है. कोहली ने 2008 में अपने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (एकदिवसीय) शुरुआत की और 2011 के विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. एकदिवसीय टीम में नियमित होने के बावजूद, कोहली किंग्सटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में अपना पहला टेस्ट खेला था. कोहली 2012 में आईसीसी वनडे प्लेयर के प्राप्तकर्ता था. नवंबर 2013 में उन्होंने पहली बार वनडे बल्लेबाज मे शीर्ष स्थान पाया था.

virat-kohli2-320x190चीकू से कैसे बने विराट- 

विराट को करीब से जानने वाले और उनके टीममेट्स उन्हें ‘चीकू’ के नाम से पुकारते हैं. आखिर विराट का नाम चीकू कैसे पड़ा आईये आपको बताते हैं. इसके पीछे एक बेहद ही दिलचस्प कहानी है. बात उस समय की है जब विराट दिल्ली की रणजी टीम में नए-नए शामिल हुए थे और खुद को साबित करने की कोशिशों में जुटे थे. तब तक विराट ने सिर्फ 10 रणजी मुकाबले ही खेले थे. दिल्ली रणजी टीम में उन दिनों वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, रजत भाटिया और मिथुन मन्हास जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे और विराट इन सभी के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करके काफी खुश थे. उस समय दिल्ली और मुंबई की टीमें रणजी मुकाबले में टकरा रहीं थी. एक शाम विराट ने अपने होटल के पास एक हेयर सैलून देखा और वहां से बाल कटाकर नए लुक में होटल वापस आए. होटल में मौजूद दूसरे खिलाड़ियों से विराट ने अपने नए हेयर कट के बारे में पूछा कि यह कैसा लग रहा है. तो दिल्ली के सहायक कोच अजित चौधरी ने जवाब दिया कि तुम चीकू लग रहे हो और ऐसे विराट कोहली का नाम चीकू पड़ गया.

img-20161101-wa0006विराट कोहली जब अंडर 19 और रणजी मुकाबलों में खेल रहे थे. तभी से हर किसी को मालूम हो गया था की दिल्ली का ये चूकी एक दिन देश के लिए खेलेगा और विराट कोहली को श्रीलंका के खिलाफ 2008 में भारतीय वनडे टीम में शामिल कर लिया गया. उस सीरीज में विराट कुछ खास कमाल तो नहीं दिखा सके थे और सिर्फ एक ही हाफ सेंचुरी लगाई थी. लेकिन साल 2009 में विराट कोहली के बल्ले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने बल्ले का कामाल दिखाना शुरू किया. कोहली ने जोहानिसबर्ग में वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉटआउट 79 रन की पारी खेली फिर कोलकाता में श्रीलंका के खिलाफ 107 रन बनाए. इसके बाद से ही कोहली के बल्ले ने अपने अंतराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.
picsart_11-05-04-27-41-240x220विदेशी जमीन पर खूब बनाए रन-
विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ उन्हीं की धरती पर खूब रन बनाए और देखते ही विराट बल्लेबाज बना गए. क्रिकेट के हर फॉर्मेट में विराट ने अपनी बल्लेबाजी का जौहर दिखाया है. वो आज दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं. कोहली ने देश के लिए 176 वनडे मुकाबलों में 52.93 की औसत से 7570 रन बना चुके हैं. जिसमें उनके 26 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं. जिस तरह से वो शतक जड़ रहे उससे ये लगने लगा है कि वो सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ेंगे.
विराट कोहली को साल 2011 में धोनी की कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया. लेकिन महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट कप्तानी छोड़ते ही उन्हें 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट को टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया. उस समय भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी. धोनी के संन्यास ने टीम को मुसीबत में ला दिया था. तो टीम में मनमुटाव की खबरें भी कोहली के लिए किसी चुनौती से कम नहीं थीं. ऐसे में विराट कोहली ने न सिर्फ टीम को एकजुट किया बल्कि अपने खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए टीम में आक्रामकता भी भरी. उस दौरे में विराट कोहली ने कप्तानी में पहले मैच में ही शतक जड़ा. कोहली चौथे ऐसे भारतीय कप्तान बने जिन्होंने कप्तानी करते हुए पहले ही मैच में शतक लगाया.

picsart_11-05-04-27-20-240x220टेस्ट टीम की कप्तानी में हिट रहे हैं विराट-

विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने श्रीलंका को श्रीलंका में और वेस्टइंडीज को वेस्टइंडीज में हराने में कामयाबी हासिल की. कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने अबतक श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज और न्यूजीलैंड को हराने में कामयाब हुई है. वहीं बांग्लादेश से एक मैच की सीरीज ड्रॉ पर खत्म थी. कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने अब तक 16 टेस्ट खेले हैं, जिनमें टीम को नौ में जीत दो में हार मिली है, तो पांच मैच ड्रॉ रहे हैं. वहीं घरेलू मैदानों पर टीम ने एक भी मैच नहीं गंवाया है. विराट कोहली की कप्तानी में टीम तीन बार नंबर एक बन चुकी है.

कोहली की कप्तानी में पहली बार भारतीय टीम जनवरी-फरवरी 2016 में नंबर एक बनी थी. इसके बाद टीम ने इसी साल अगस्त में नंबर एक की कुर्सी हासिल की थी और अब तीसरी बार न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने यह उपलब्धि हासिल की है.