जींद में सोमवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस इकाई ने भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने की। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने लघु सचिवालय पहुंचकर डीआरओ के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

कार्यक्रम में प्रदेश सह प्रभारी जितेंद्र बघेल मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नीतियां आम जनता के हितों के अनुरूप नहीं हैं। उनके अनुसार, सरकार ने किसानों, गरीबों, बुजुर्गों और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
किसानों के मुद्दे पर घेरा
जितेंद्र बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा और वहां हुई एक डील का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समझौते से देश के किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि कृषि क्षेत्र में विदेशी प्रभाव बढ़ा तो स्थानीय किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि किसानों को पहले ही बढ़ती लागत, कम समर्थन मूल्य और बाजार की अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार के फैसलों से यदि उनकी आय और उत्पादन प्रभावित होता है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। बघेल ने मांग की कि सरकार इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करे और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।
विपक्ष की भूमिका पर जोर
कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि राहुल गांधी संसद और जनसभाओं में लगातार सरकार की नीतियों को तथ्यों के आधार पर चुनौती दे रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाने का काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।
बीपीएल कार्ड और पेंशन का मुद्दा
जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बड़ी संख्या में बीपीएल कार्ड बनाए गए, लेकिन बाद में उनमें से कई रद्द कर दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे गरीब परिवारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोग अपने हक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, पर समाधान नहीं मिल रहा।
इसके अलावा बुजुर्गों की पेंशन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हजारों बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी गई थी। जब कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मुद्दे को उठाया, तब सरकार ने पेंशन दोबारा शुरू करने की घोषणा की, लेकिन अधिकांश लाभार्थियों को अभी तक राशि नहीं मिली है।
बेरोजगारी पर चिंता
धरने में युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी है और इससे स्थानीय युवाओं में निराशा फैल रही है।
नेताओं ने मांग की कि सरकार रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे और भर्तियों में निष्पक्षता सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को समय पर रोजगार नहीं मिला तो यह सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से गंभीर समस्या बन सकती है।
आगे आंदोलन की चेतावनी
धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।
इस अवसर पर जिला प्रभारी ऋषि यादव, पूर्व विधायक सूरजभान काजल, पूर्व विधायक सुभाष गांगोली, प्रवक्ता जगबीर डिगाना समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कुल मिलाकर, जींद में हुए इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह राज्य सरकार की नीतियों को लेकर आक्रामक रुख अपनाने जा रही है और आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
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