बिहार के गया जिले में सोमवार को हुआ एक भीषण सड़क हादसा दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। गया-गोह मुख्य मार्ग पर केवाली गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद दोनों मोटरसाइकिल पूरी तरह टूटकर बिखर गईं और सड़क पर मलबा फैल गया।

घटना चंदौती थाना क्षेत्र में बीपी आजाद बीएड कॉलेज के समीप हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक काफी तेज रफ्तार में थीं और टक्कर इतनी जोरदार थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों युवक दम तोड़ चुके थे।
मृतकों की पहचान धर्मपुर गांव निवासी 22 वर्षीय अक्षय कुमार उर्फ कारू और बेलमा गांव निवासी 25 वर्षीय सुभाष कुमार के रूप में हुई है। दोनों ही शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी अचानक मौत से परिवारों में कोहराम मच गया है।
बताया जा रहा है कि सुभाष कुमार अपने घर का इकलौता बेटा था। उसकी पत्नी सोनम गर्भवती है, जिससे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं अक्षय कुमार के घर में भी हाल ही में खुशी का माहौल था, लेकिन यह हादसा उस खुशी को मातम में बदल गया।
घटना के बारे में जानकारी मिली है कि अक्षय अपनी बाइक से पंचानपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसने एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। ओवरटेक के दौरान वह सामने से आ रही बाइक से टकरा गया, जिस पर सुभाष सवार था। तेज रफ्तार और अचानक सामने आई बाइक के कारण दोनों में जोरदार भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर दूर जा गिरे। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। सड़क पर बाइक के पुर्जे, इंजन और अन्य हिस्से बिखरे पड़े थे, जिसे देखकर हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता था।
इस हादसे में सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने हेलमेट तो पहन रखा था, लेकिन उसका स्ट्रैप नहीं बांधा गया था। टक्कर के दौरान हेलमेट सिर से निकलकर दूर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोट लगी। वहीं दूसरे युवक ने हेलमेट ही नहीं पहना था, जो उसकी मौत का एक बड़ा कारण बना।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर लगातार हादसे होते रहते हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। जाम के चलते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सूचना मिलने पर चंदौती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम हटवाया। इसके बाद यातायात को सामान्य किया गया। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
चंदौती थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। साथ ही प्रशासन की ओर से दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी गई है। नगर प्रखंड के अंचल अधिकारी द्वारा पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20-20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अक्षय के भाई की शादी पिछले महीने ही हुई थी और उसी दौरान उसे एक नई यामाहा बाइक मिली थी। वह उसी बाइक से बाहर निकला था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, इसका यह दर्दनाक उदाहरण है। अगर दोनों बाइक सवार सावधानी बरतते और हेलमेट का सही तरीके से इस्तेमाल करते, तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
गया की इस घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। अब जरूरत है कि लोग सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाएं और नियमों का पालन करें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके और किसी और घर का चिराग यूं न बुझ जाए।
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