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बिहार में कोचिंग संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन जारी, इन 7 बिंदुओं पर सख्ती

सौरभ शेखर श्रीवास्तव की स्पेशल रिपोर्ट दरभंगा/पटना । बिहार सरकार ने राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों के संचालन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से नई गाइडलाइन जारी की है। इस नई व्यवस्था के तहत कोचिंग संचालकों को सात महत्वपूर्ण बिंदुओं का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। सरकार का यह कदम विशेष रूप से छात्रों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और अभिभावकों को नियमित जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

 

 

नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि कोई छात्र कोचिंग संस्थान में निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होता है, तो कोचिंग संचालक को तत्काल उसके अभिभावकों को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित जोखिम या समस्या की स्थिति में अभिभावकों को समय पर जानकारी देना है।

इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों को छात्रों के टेस्ट और मूल्यांकन के परिणाम नियमित रूप से अभिभावकों को भेजने होंगे, ताकि अभिभावक अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति से अवगत रह सकें और आवश्यकता पड़ने पर उचित मार्गदर्शन दे सकें।

सरकार ने कोचिंग संस्थानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करना भी अनिवार्य किया है। इससे छात्रों की उपस्थिति का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सकेगा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, जिन कोचिंग संस्थानों द्वारा छात्रों के परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं, उनके चालकों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराना भी अनिवार्य होगा, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 

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नई गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कोचिंग संस्थान द्वारा दलाल या बिचौलियों के माध्यम से छात्रों का नामांकन कराया जाता है, तो ऐसे मामलों में संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने इस प्रथा को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

इसके अतिरिक्त, कोचिंग संस्थानों को अपने परिसर की नियमित सुरक्षा जांच करानी होगी, जिसमें भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना शामिल है। यह कदम किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपात स्थिति से छात्रों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सरकार ने कोचिंग संस्थानों को छात्रों के लिए समय-समय पर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। इन सत्रों के माध्यम से छात्रों को मानसिक तनाव से निपटने, करियर मार्गदर्शन प्राप्त करने और सकारात्मक वातावरण में अध्ययन करने में सहायता मिलेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता रद्द करना, जुर्माना लगाना तथा अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कोचिंग संस्थानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह आवश्यक हो गया था कि एक सख्त और स्पष्ट नियामक व्यवस्था लागू की जाए। नई गाइडलाइन से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा तथा शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

सरकार ने सभी कोचिंग संचालकों को निर्देश दिया है कि वे इन गाइडलाइनों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करें, ताकि छात्रों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

 

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