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नोटबंदी :: आपके जेब में कितने रहेंगे पैसे यह तय करेगी सरकार, अब सरकार की हो सकती है ये अनूठी पहल !

picsart_11-18-12-49-05-678x310500 और 1000 के पुराने नोट बैन करने के बाद अब सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेने की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार के इस नए फैसले के मुताबिक जल्दी ही ये भी तय कर दिया जाएगा कैश विद्ड्रॉल और ट्रांजेक्शन के जरिए हर महीने आप अधिकतम कितना पैसा निकाल सकते हैं। इसे सरल शब्दों में समझे तो सरकार ये लिमिट तय कर देगी कि हर महीने आपकी जेब में कितना पैसा होगा और आप कितना खर्च कर सकते हैं।

क्या है सरकार का नया प्लान
अगर ये फैसला अमल में लाया जाता है तो सरकार इसकी भी सीमा तय कर देगी कि आप एक महीने में अपने अकाउंट से कितना कैश निकाल सकते हैं और कितना ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। ये कुछ कुछ ऐसा ही होगा जैसा फिलहाल नोट बंदी के दौरान कैश निकलने की लिमिट तय की हुई है। नए फैसले में फर्क इतना होगा कि ये लिमिट मंथली होगी और इसकी सीमा ज्यादा होगी।

सूत्रों ने बताया कि यह लिमिट कंपनियों के साथ-साथ आम लोगों पर भी लागू होगी।

मांगी गई थी राय
हाल में कुछ सीनियर टैक्स अधिकारियों और एक्सपर्ट्स से ऐसे कदम के बारे में राय देने को कहा गया था। मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने बताया कि चूंकि इस मुद्दे पर सीनियर सरकारी अधिकारियों से राय मांगी जा रही है, लिहाजा इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों का कहना है कि ऐसा कदम उठाया जा सकता है।

एक सूत्र ने बताया, ‘सवाल यह पूछा गया है कि कैश ट्रांजैक्शंस घटाने के बारे में एसआईटी के प्रस्ताव को क्या लागू किया जा सकता है? इस सवाल के जरिए यह जानने की कोशिश हो रही है कि ऐसे कदम को लागू करने में किस तरह की समस्याओं या विरोध का सामना करना पड़ सकता है।’ सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस साल जुलाई में सलाह दी थी कि कैश ट्रांजैक्शंस की लिमिट 3 लाख रुपए और कैश होल्डिंग्स की लिमिट 15 लाख रुपये तय कर दी जाए।

होगा सकारात्‍मक कदम
इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों का कहना है कि हो सकता है कि सरकार, एसआईटी के इस प्रस्ताव को लागू नहीं करे क्योंकि इससे कैश ट्रांजैक्शंस और कैश होल्डिंग्स की सीमा बदल जाएगी। नांगिया ऐंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर राकेश नांगिया ने कहा, ‘डिमॉनेटाइजेशन और कैश विदड्रॉल पर पाबंदी बहुत सकारात्मक कदम है क्योंकि इससे पैरलल इकॉनमी खत्म हो जाएगी और ब्लैक मनी जेनरेट होने की गुंजाइश बेहद कम रह जाएगी। मैं इसे ब्लैक मनी पर सरकार के हमले की स्ट्रैटेजी के विस्तार के रूप में देख रहा हूं। इसका इंडियन इकनॉमी पर बहुत सकारात्मक असर हो सकता है।’
ब्‍लैक मनी के खिलाफ मोर्चा
एक्सपर्ट्स ने कहा कि ऐसे कदम का मतलब यह हो सकता है कि ब्लैक मनी के खिलाफ लड़ाई का एक और मोर्चा खुल जाएगा और जीएसटी के साथ मिलाकर देखें तो इसका बहुत असर पड़ेगा। सीनियर टैक्स एक्सपर्ट उदय वेद ने कहा, ‘जीएसटी से ब्लैक मनी को बड़ा झटका लगेगा। अगर सरकार एसआईटी की सलाह मान लेती है तो बहुत अच्छा होगा। हो सकता है कि कैश होल्डिंग्स के बारे में जो सलाह दी गई है, सरकार उसकी लिमिट बढ़ा दे और कुछ स्थितियों में टैक्स लगा दे।’
अगले साल बजट में होगा विचार
इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों ने कहा कि सरकार अगले साल के बजट में ऐसा कदम उठाने पर विचार कर सकती है। सरकार सीबीडीटी या आरबीआई के सर्कुलर के जरिए भी इस बदलाव का ऐलान क सकती है। सीबीडीटी और फाइनेंस सेक्रेटरी को बुधवार को भेजे गए सवाल का जवाब नहीं मिला।
अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी के पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा, ‘यह भी हो सकता है कि बजट में यह कदम उठाए जाए क्योंकि सरकार ब्लैक मनी इकनॉमी पर हमला कर रही है। इसका अर्थ यह होगा कि इनकम टैक्स ऑफिसर इस लिमिट से ज्यादा कैश रखने वालों की जांच कर सकेगा।’

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