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पेंशन की रंजिश ने छीनी भाई की जान — संभल में पारिवारिक विवाद ने लिया खूनी मोड़

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। मां की पेंशन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार खून-खराबे में बदल गया। छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात में उसकी पत्नी और दोनों बेटों की भी संलिप्तता बताई जा रही है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।

घटना ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के गांव राजीखेड़ा की है। सोमवार दोपहर लगभग दो बजे 56 वर्षीय संजीव अपने घर के सामने खाली पड़ी जमीन पर बंधे पशुओं को खोलने गए थे। तभी उनका छोटा भाई ब्रजकिशोर अपने दोनों बेटों अर्पित और अपूर्व के साथ वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले गाली-गलौज हुई, फिर कहासुनी मारपीट में बदल गई। इसी दौरान ब्रजकिशोर ने गोली चला दी, जो सीधे संजीव को लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपी परिवार समेत गांव से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच कई वर्षों से मां की पेंशन और उनके साथ रहने को लेकर तनाव चल रहा था।

मृतक के छोटे भाई नवीन कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके पिता वेद प्रकाश प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे। वर्ष 2006 में सेवानिवृत्त होने के कुछ समय बाद उनका निधन हो गया। पिता की मृत्यु के बाद मां ओमवती देवी को करीब 20 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती है। यही पेंशन विवाद की जड़ बन गई।

परिवार के अनुसार, ब्रजकिशोर और उसके परिवार का व्यवहार मां के प्रति ठीक नहीं था। इसी वजह से मां ने लगभग आठ वर्ष पहले उसके साथ रहना छोड़ दिया था। वह वर्तमान में अपने बेटे नवीन कुमार के साथ अमरोहा जिले के हसनपुर में रहती हैं। नवीन एलआईसी एजेंट हैं और मां की देखभाल वही करते हैं। बताया जाता है कि मां के साथ न रहने के बावजूद ब्रजकिशोर पेंशन पर दावा करता रहा और इसी को लेकर अक्सर झगड़े होते थे।

परिवार में तीन भाई हैं और पुश्तैनी जमीन का बंटवारा पहले ही हो चुका है। प्रत्येक भाई के हिस्से में करीब 35-35 बीघा जमीन आई है। इसके बावजूद पेंशन को लेकर असंतोष बना रहा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी यही बात सामने आई है कि आर्थिक लालच और आपसी रंजिश ने इस हत्या को जन्म दिया।

संजीव अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। परिवार पर अचानक आए इस दुख ने सभी को झकझोर दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जब रिश्तों में संवाद खत्म हो जाता है और लालच हावी हो जाता है, तो परिवार टूटने में देर नहीं लगती। जिस मां की पेंशन को लेकर विवाद था, उसी के बेटों ने आपसी दुश्मनी में एक-दूसरे का खून बहा दिया। आर्थिक मुद्दे अगर समय रहते सुलझा लिए जाएं, तो ऐसे दर्दनाक परिणामों से बचा जा सकता है।

संभल की यह वारदात केवल एक हत्या नहीं, बल्कि पारिवारिक मूल्यों के क्षरण की कहानी भी है। पुलिस जांच आगे बढ़ रही है और गांव वाले आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, एक मां अपने बेटे को खो चुकी है और एक परिवार बिखर चुका है — कारण वही पुराना, पैसा और आपसी रंजिश।

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