उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें शादी का झांसा देकर युवती के साथ कथित यौन शोषण करने के आरोपी पर जमानत पर छूटते ही बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगा है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसके साथ बिताए निजी पलों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

पीड़िता लखनऊ की रहने वाली है और सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है। उसने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात मेरठ निवासी शारिब सैफी से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर आरोपी ने खुद को बड़ा कारोबारी बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा। युवती के अनुसार, शारिब ने दावा किया कि उसका बिजली बंबा क्षेत्र स्थित सुपरटेक ग्रीन विलेज में अपना मकान है और वह उससे जल्द शादी करेगा।
विश्वास में आकर युवती मेरठ आ गई और आरोपी के साथ रहने लगी। कुछ समय बाद उसे पता चला कि जिस मकान को शारिब अपना बता रहा था, वह किराए का था। युवती का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने शादी की बात दोहराई तो आरोपी मुकर गया। इसके बाद युवती ने पिछले वर्ष जुलाई में ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर शारिब को जेल भेजा गया था।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। पीड़िता का आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी ने बदले की भावना से उसके अंतरंग फोटो और वीडियो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इतना ही नहीं, आरोपी और उसके साथियों ने उसे बदनाम करने के लिए आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की। युवती का कहना है कि इस कृत्य से वह गहरे मानसिक तनाव में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उसने आशंका जताई कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो सकती है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी के जेल जाने के बाद उसके परिजन लगातार उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे थे। धमकी भरे कॉल, ऑडियो और वीडियो उसके पास मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसियों को सौंपने को तैयार है। उसका कहना है कि उसे जान से मारने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की धमकियां दी जा रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने शारिब सैफी समेत चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें जान से मारने की धमकी, जानबूझकर अपमानित करने और आईटी एक्ट के तहत आरोप शामिल हैं। एक महिला को भी आरोपी बनाया गया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वायरल की गई सामग्री कहां से और किस माध्यम से प्रसारित की गई। यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ते अपराधों और ऑनलाइन संबंधों में सावधानी की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर हुई जान-पहचान ने एक युवती की जिंदगी को संकट में डाल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी तस्वीरों और वीडियो का दुरुपयोग आज के डिजिटल युग में एक गंभीर अपराध है, जिसके खिलाफ सख्त कानून मौजूद हैं, लेकिन जागरूकता और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
पीड़िता फिलहाल कानूनी लड़ाई लड़ रही है और उसे न्याय की उम्मीद है। परिवार और मित्रों के सहयोग से वह इस मुश्किल दौर से गुजर रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
मेरठ की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि रिश्तों में विश्वास का दुरुपयोग किस तरह से किसी की जिंदगी तबाह कर सकता है। शादी का झांसा, कथित शोषण और फिर बदनामी की साजिश — यह पूरा घटनाक्रम समाज के लिए चेतावनी है कि ऑनलाइन संबंधों में सतर्कता बरतना और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहना बेहद आवश्यक है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें आने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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