दरभंगा : पोषण पर आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आईसीडीएस ने नयी पहल की है.
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अब समुदाय में आम लोगों के मोबाइल नंबर पर पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश भेजे जाएंगे. इसको लेकर आईसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने पत्र लिखकर प्रभारी डाटा सेंटर एवं वरीय तकनीकी निदेशक को पत्र लिखकर इसके संबंध में विस्तार से जानकारी दी है.

प्रत्येक मोबाइल नंबर पर दो बार भेजे जाएंगे संदेश
सामुदायिक पोषण स्थिति में सुधार के लिए आम लोगों में पोषण को लेकर जागरूकता काफ़ी जरुरी होती है. इसे ध्यान में रखते हुए ही लोगों के मोबाइल नंबर पर पोषण संबंधित संदेश भेजने की पहल की जा रही है. इसमें शिशु, किशोरी, गर्भवती एवं धात्री माताओं से पोषण संबंधित संदेश लोगों को भेजे जाएंगे. संदेश की महत्ता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक संदेश को मोबाइल नंबर पर दो बार भेजने की बात कही गयी है ताकि संदेश की गंभीरता से आम-जन अवगत हो सके.
- प्रत्येक संदेश दो बार मोबाइल पर भेजने के निर्देश
- शिशु, किशोरी, गर्भवती एवं धात्री माताओं के बेहतर पोषण पर ज़ोर
- आईसीडीएस निदेशक ने दिया निर्देश
इन संदेशों का होगा उपयोग:
पोषण संबंधित संदेशों के बारे में पत्र में विस्तार से जानकारी दी गयी है. प्रत्येक संदेश में ‘ आईसीडीएस निदेशालय द्वारा जनहित में जारी’ भी लिखा होगा.
जैसे-
• खून की कमी रोकने के लिए गर्भवती महिला को रोज एक आयरन की गोली(आयरन फोलिक एसिड) खिलाएं. अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका या आशा से संपर्क करें
• तरह-तरह के फ़ल और सब्जी गर्भवती महिला के लिए जरुरी होते हैं. अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका या आशा से संपर्क करें
• जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु को माँ का दूध देना शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरुरी होता है. अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका या आशा से संपर्क करें
• 6 महीने तक अपने शिशु को केवल स्तनपान करायें. इससे शिशु दस्त एवं निमोनिया जैसे अन्य संक्रामक रोगों से सुरक्षित रहता है. अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका या आशा से संपर्क करें
• शिशु के 6 माह पूर्ण होने के बाद अनुपूरक आहार की शुरुआत करें. अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका या आशा से संपर्क करें
• 6 महीने के शिशु को रोज 2 से 3 कटोरी खाना खिलाना जरुरी है. अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका या आशा से संपर्क करें
• स्वच्छ रहें, स्वस्थ रहें. खुले में शौच नहीं करें.
• पेट के कीड़े से बचाव करें. चिकित्सक की परामर्श लेकर कृमिनाशक दवा लें.
• पोषित बेटियां सुपोषित देश.
क्या आप जानते हैं:
• विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सम्पूर्ण स्तनपान सुनिश्चित करने से विश्व भर में प्रति वर्ष 8.2 लाख शिशुओं की जान बचायी जा सकती है
• लेंसेट की एक रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ नियमित स्तनपान से शिशुओं में होने वाले डायरिया के आधे मामले एवं एक तिहाई अन्य संक्रमण मामलों में कमी लायी जा सकती है
• लेंसेट की ही रिपोर्ट के अनुसार स्तनपान कराने वाली माताओं में 6% तक ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में कमी आती है.
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