Breaking News

गणतंत्र दिवस :: पोलो मैदान में दरभंगा के प्रभारी मंत्री महेश्वर हजारी ने किया झंडोत्तोलन, पूरा भाषण

डेस्क : दरभंगा जिले में रविवार को गणतंत्र दिवस समारोह का उत्सवी माहौल में आयोजन हुआ। नेहरू स्टेडियम में मुख्य राजकीय समारोह में प्रभारी मंत्री महेश्वर हजारी ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के समय छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय गान प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय झंडे को सलामी व परेड बीएमपी के एक प्लाटून, जिला सशस्त्र पुलिस के दो प्लाटून, गृह रक्षा वाहिनी के एक प्लाटून, एनसीसी सीनियर, जूनियर बालक तथा जूनियर बालिका का क्रमश: एक-एक प्लाटून, स्काडट एवं गाइड के एक-एक प्लाटून द्वारा किया गया।

26 जनवरी 2020 गणतंत्र दिवस समारोह में दरभंगा के प्रभारी मंत्री महेश्वर हजारी का पूरा भाषण

प्रिय जिलावासियों,
आज 71वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर यहाँ उपस्थित
सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों, माननीय जन प्रतिनिधिगण,
पदाधिकारीगण, मीडिया के प्रतिनिधिगण, दरभंगा जिला के सम्मानित नागरिकगण, भाईयो ं, बहनों तथा प्यारे बच्चो ं। सर्वप्रथम मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ एवं गणतंत्र दिवस की बधाई देता हूँ।
हम सब अवगत है ं कि 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत वर्ष मे ं कानून का राज स्थापित करने के लिए 26 जनवरी 1950 को भारत सरकार अधिनियम, 1935 को हटाकर इसके जगह पर भारत का संविधान लागू किया गया था। आज हमारा देश भारत वर्ष दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदत्त है। भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉक्टर भीमराव अम्बेदकर द्वारा देश मे ं जिस समाज निर्माण की परिकल्पना की गई थी, उस दिशा में हमारी सरकार निरंतर प्रयत्नशील है।

इस गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर सरकार की उपलब्धिया ें एवं प्राथमिकताओं को बताना मैं उचित समझता हूँ। सरकार का मूल संकल्प राज्य का न्याय के साथ सर्वांगीण विकास है और विकास की इस यात्रा के क्रम मे ं जो संकल्प लिए गए हैं, उसकी प्राप्ति के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
बिहार की महान जनता हमेशा से ही इतिहास रचती रही है।
इसी माह 19 जनवरी को बिहार राज्य मे ं जल-जीवन-हरियाली, नशा मुक्ति, बाल विवाह निषेध एवं दहेज प्रथा उन्मूलन अभियान के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने हेतु राज्य व्यापी विशाल मानव श्रृंखला का निर्माण कर एक नया कृतिमान स्थापित किया गया है।


इस अभियान मे ं दरभंगा जिलावासियों ने लक्ष्य से अधिक 641 कि0मी0 लम्बी मानव श्रृंखला बनाकर देश दुनिया को एक बड़ा संदेश दिया है। इस श्रृंखला में 23 लाख से अधिक ला ेगों ने सहभागिता निभाई है। इसके लिए जिलावासियों के प्रति मैं हृदय से शुक्रगुजार हूँ। यह अभियान हमारे आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा के लिए अत्यंत जरूरी हैं। आज जलवायु परिवर्तन पूरे मानव जाति के अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। पृथ्वी पर जीवन की रक्षा के लिए जल का संचयन एवं हरित आवरण को बढ़ाना नितांत जरूरी हो गया है।
जल और हरियाली के बिना चाहे मनुष्य हो या कोई जीव-जन्तु, पशु-पक्षी किसी के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा
सकती है। जलवायु परिवर्त्तन के दुष्प्रभावों को कम करने, इसके कारण उत्पन्न विकट स्थिति का सामना करने, वर्षा जल का संचयन करने, प्राकृतिक जल श्रोतों का संबर्द्धन करने, मौसम के अनुकूल फसल चक अपनाने, अक्षय ऊर्जा एवं हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार राज्य में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से सभी को जुड़ना होगा। सिर्फ सरकार
के प्रयास से यह अभियान अपने अंजाम तक नहीं पहुँच सकता है।


हमे ं आशा है कि दरभंगा जिला के लोग सरकार के
जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले ंगे।
जल-जीवन- हरियाली अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण
एवं जल संचयन के उद्देश्य से प्राकृतिक जल स्रोतों यथा
आहर/पैन/पोखर/तालाब आदि के उड़ाहीकरण एवं इसके
सौर्द्यीकरण का कार्य जिला में तेजी से किया जा रहा है। माह
दिसम्बर 2019 तक 891 अतिक्रमित सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं के विरूद्ध 362 संरचनाओं को अंतिम रूप से अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
जल-जीवन-हरियाली पोर्टल पर सुदूर संवेदन प्रणाली से जिला मे ं कुल 7201 जल संचयन संरचनाओं की पहचान हुई है । इसमें से सरकार के निदेशानुसार 01 एकड़ से अधिक रकबा के तालाब/पोखरों का जीणो र्द्धार लघु जल संसाधन विभाग द्वारा एव ं 01 एकड़ से कम रकबा वाले तालाब/पोखरों का जीणो र्द्धार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना के तहत किया जा रहा है।
दरभंगा जिला में 01 एकड़ से अधिक रकबा वाले 01 जल संरचना एवं 1 एकड़ से कम रकबा वाले 202 तालाब/पोखर का जीणो र्द्धार पूर्ण हो गया है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र के 02 कुओं एवं ग्रामीण क्षेत्र के 36 कुओं का भी जीणो र्द्धार कार्य पूरा हो गया है। प्राकृतिक जल श्रोतों के संबर्द्धन हेतु छोटी-छोटी नदियों/नालो में तथा पहाड़ी जल संग्रहण क्षेत्रों मे ं चेक डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति में है जिसमे ं से 08 चेक डैम का निर्माण पूर्ण हो गया है। भू-गर्भ जल स्तर को नियंत्रित करने की दिशा में भी कार्य किये जा रहे हैं। इस बावत वर्षाजल का संचयन एवं जल श्रोतो ं के पास
सोख्ता का निर्माण शामिल है। जिला मे ं शिक्षा विभाग के 02 भवनों एवं अन्य विभागों के 103 भवनों मे ं छत वर्षा जल संचयन संरचना का निर्माण पूर्ण हो गया है।
दरभंगा जिला स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य मे ं पहली वार एक
नवोन्मेशी प्रयोग किया गया है। जिला में मातृत्व एवं नवजात शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के उद्येश्य से वंडर नाम का मोबाईल एप लॉन्च किया गया है। इस एप मे ं गर्भवती महिलाओं का निबंधन एवं उनका मेडिकल हिस्ट्री अपलोड किया जाता है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता उत्पन्न होने पर वंडर एप से एलर्ट (चेतावनी) जारी हो जाता है।

इसका मैसेज इस सिस्टम से जुड़े सभी चिकित्सको एवं पारा
मेडिकल स्टाफ्स को तुरंत मिल जाता है और ऐसे मरीजों की तुरंत चिकित्सीय सेवा शुरू हो जाती है। वंडर एप के इस्तेमाल से राज्य मे ं पहली बार महिलाओं के चिकित्सीय व्यवस्था को डिजिटली मोनिटर किया जा रहा है। जिसमे ं दरभंगा जिला अग्रणी भूमिका मे ं है। इसके तहत दिसम्बर 2019 तक कुल 36528 गर्भवती माताआ े ं का निबंधन किया गया जिसमे ं से कुल 13494 गर्भवती माताओं का
एलर्ट (चेतावनी) जारी हुआ है जिन्हे ं प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना अन्तर्गत कुल 32,26,068 सदस्यो में से कुल 1,25,000 सदस्यो को गोल्डेन कार्ड निर्गत किया गया है। मुफ्त स्वास्थ्य सुबिधा मुहैया कराने हेतु 20 सरकारी अस्पताल (दरभंगा मेडिकल कॉलेज सहित) एवं 16 निजी अस्पतालों को सूचीवद्व कर अभी तक कुल 4921 मरीजों का मुफ्त
इलाज किया जा चुका है। हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के अन्तर्गत कुल 30 स्वास्थ्य संस्थानो को क्रियाशील किया गया है जिसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल 05 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 1 स्वास्थ्य उपकेन्द्र को
क्रियाशील किया जाना शामिल है।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना अन्तर्गत अभी तक कुल 3839 बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है जिनमे ं से 2358 बालिकाओं का इस योजना से संबंधित राशि के भुगतान हेतु राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के वेब पोर्टल पर अपला ेड किया गया है।
जननी सुरक्षा योजना अन्तर्गत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भवती माता को 1400/-रूपये साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की आशा को 600/-रूपये एवं शहरी क्षेत्र की आशा को 400/- रूपये प्रोत्साहन राशि दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2019-20 का लक्ष्य 128323 है जिसके विरूद्व दिसम्बर 2019 तक
कुल 49864 संस्थागत प्रसव हुए है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 में दिसम्बर 2019 तक कुल 21590 गर्भवती महिलाओं का मुफ्त सेहत जाँच किया जा चुका है।
परिवार कल्याण कार्यक्रम अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 का लक्ष्य 26810 के विरूद्व दिसम्बर 2019 तक कुल 9693 महिला बन्ध्याकरन एवं 12 पुरूष नसबंदी हुए है।

हमें यह कहते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि सरकार के
सुशासन के कार्यक्रम को प्रशासनिक व्यवस्था के अन्तर्गत क्रियान्वित करने में हमारा दरभंगा जिला सदैव अग्रणी रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनवाड़ी, सामाजिक सुरक्षा समेत सभी प्रकार के कल्याणकारी एवं विकासात्मक कार्यक्रमो ं के क्रियान्वयन मे ं हमारे जिले ने विशिष्ट उपलब्धि हासिल की है।
किसी भी राज्य के स्वस्थ्य और समेकित विकास के लिय यह आवश्यक है कि समाज के सभी वगो र् का बिना किसी जाति, लिंग, धर्म, पिछड़ेपन के भेदभाव के सामूहिक विकास हो। समाज के ऐसे पिछड़े दलित व शोषित लोगों को समान धरातल पर लाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रहा है। महादलित समुदाय के लोगों को सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक दृष्टिकोण से सम्पन्न बनाने के लिए राज्य मे ं विशेष रूप से महादलित विकास मिशन का
गठन 07 अप्रैल 2008 को किया गया। इसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पंचायत एवं शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड मे ं विकास मित्र का चयन किया गया है, जो सरकार और महादलित समुदाय के बीच सेतु का कार्य करते है। विकास मित्रो ं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने हेतु उन्हें समय-समय पर विभागीय प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें स्मार्ट फोन भी उपलब्ध कराया गया है।

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष
2019-20 में कुल 53,578 आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई ह ैं तथा ला ेहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कुल 05 लाख 24 हजार 673 शौचालयो ं का निर्माण किया जा चुका है एवं सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड योजनान्तर्गत 75 सामुदायिक भवनों का निर्माण हुआ है। इसके अतिरिक्त छात्रवृत्ति पोशाक योजना, वासगीत भूमि योजना, अत्याचार अनुदान योजना, दशरथ माँझी कौशल विकास योजना तथा बिहार स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत 2685 आवेदनों की स्वीकृति दी गई है। हर घर नल का जल योजना
अन्तर्गत 3885 वाडो र्ं को लक्षित किया गया है एवं घर तक पक्की गली-नाली योजना के अन्तर्गत 4159 योजना को लक्षित किया गया है।
राज्य सरकार द्वारा जनहित में कई विधेयक लाये गये है।
इसमे ं सरकार के सात निश्चय योजनाओं का क्रियान्वयन, बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 एवं बिहार ला ेक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 का प्रवर्तन आदि महत्वपूर्ण ह ै।
बिहार उत्पाद अधिनियम के तहत 5 अप्रैल 2016 से राज्य मे ं पूण र् शराबबंदी लागू है। फलतः राज्य में अवैध रूप से किसी प्रकार के शराब का निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, भंडारण एवं सेवन पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसमें आम लोगों का सहयोग अपेक्षित है।
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 के लागू होने के बाद जिला के कुल 04 ला ेक शिकायत निवारण कार्यालयों मे ं कुल 28,490 परिवाद पत्र दायर हुए जिसमे ं से 27,26 परिवादो ं का निवारण किया जा चुका है, जो कुल का 96 प्रतिशत है।
ला ेक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी होने के उपरांत परिवादियो ं के समस्याओं का समाधान तय समय पर होता है। उन्हें जहाँ तहाँ भाग दौड़ नहीं करनी पड़ती है।
बिहार लोक सेवाओ ं का अधिकार अधिनियम-2011 के तहत इस वर्ष कुल 6 लाख 89 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुआ।
इसमे ं से 6 लाख 84 हजार 475 मामलों का निष्पादन किया गया है। अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि से अबतक 64 लाख 65 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमे ं से लगभग 59 लाख 28 हजार आवेदनों का निष्पादन हुआ।

राज्य सरकार के सात निश्चय योजना अंतर्गत आर्थिक हल
युवाओं को बल, आरक्षित रोजगार महिलाओं को अधिकार, हर घर बिजली लगातार, हर घर नल का जल, घर तक पक्की
गली-नालियां, शौचालय निर्माण घर का सम्मान एवं अवसर बढ़े आगे पढ़ें इत्यादि महत्वपूर्ण योजनाओं का कियान्वयन तेजी से किया जा रहा है।
खुले में शौच को एक सामाजिक चुनौती मानते हुए लोहिया
स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत 524673 शौचालयों का निर्माण किया गया है एवं इसके उपयोग हेतु व्यवहार परिवर्तन के लिये व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
सरकार के सात निश्चय हर घर बिजली लगातार योजना के
तहत जिला के सभी इच्छुक परिवारों को बिजली का कनेक्शन दे दिया गया है। इसमें 1,55,817 परिवारों को निःशुल्क कनेक्शन शामिल है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतिकरण योजनान्तर्गत 6 नये पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण कर उसे ऊर्जान्वित कर दिया गया है और दूसरे 6 पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति मे ं है। साथ ही कैंप के माध्यम से 3446 किसानो ं को कृषि कार्य हेतु निःशुल्क बिजली का कनेक्शन दिया गया है। वहीं उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुराने एवं जर्जर तारों को बदलने का कार्य तेजी से हो रहा है।
वŸार्मान में शहरी क्षेत्रों मे ं औसतन 23-24 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 20-22 घंटे तक विद्युत की आपूŸार् की जा रही है।
विद्युत ऊर्जा की खपत मे ं कमी करने एवं वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की दिशा मे ं भी कार्रवाई प्रारंभ की गई है। जिला मे ं अवस्थित कुल 3428 सरकारी भवनों मे ं से 07 भवनों में सौर ऊर्जा से बिजली की आपूर्त्ति की जा रही है।

समाज कल्याण विभाग के द्वारा सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 327812 ला ेगो ं को लाभान्वित किया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष स े अधिक उम्र के सभी वर्ग के लोगों को लाभ दिया जा रहा है।
समेकित बाल विकास सेवा योजना के अन्तर्गत 4489 स्वीकृतआँगनवाड़ी केन्द्र पर 7842 आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत 6736 कन्याओं को लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री वन्दना योजना के तहत अबतक 30,331 गर्भवती महिलाएँ लाभान्वित हुई है। वहीं आँगनवाड़ी केन्द्रों पर तीन से छः साल के बच्चो ं को दुध उपलब्ध कराया जा रहा है।

साथ ही जिला के सभी 19 आँगनवाड़ी परियोजनाओं मे ं एक-एक आँगनवाड़ी केन्द्र को आदर्श केन्द्र के रूप मे ं विकसित करने हेतु दो-दो लाख रूपये की राशि दी गई है।
ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु बिहार ग्रामीण जीविका प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा 30,784 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है जिसमे ं 3,57,000 सदस्य शामिल हैं। इन स्वय ं सहायता समूहों के कुल बैंक खातों की संख्या 26,226 है इसमे ं परिक्रमी निधि प्राप्त समूहों की
संख्या 23,902 है। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत 604 सदस्यों को लाभान्वित किया गया है। उनके बीच 60 लाख 34 हजार रू0 वितरित किया गया है। आजीविका एक्सप्रेस योजना के तहत 16 वाहन आवंटित किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 1,18,440 सदस्यों को जोड़ा गया है।


सरकार की सवो र्च्च प्राथमिकता है विधि-व्यवस्था का संधारण एवं कानून का राज स्थापित करना। राज्य के सभी नागरिक बिना भय के अमन-चैन से रहें एवं साम्प्रदायिक सौहार्द, भाई-चारा बनाये रखें, समाज के सभी वगो र्ं को न्याय एवं उनका हक मिल े, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। दरभंगा पुलिस-प्रशासन द्वारा आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।
जिसके फलस्वरूप कानून एवं विधि-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हो रहे हैं।
आज इस महान अवसर पर हम समाज के सभी धर्मो ं, सम्प्रदायों, वगो र्ं, जातियों के लोगों का आह्वान करते हैं कि देश और राज्य को आगे बढ़ाने में मिल जुलकर काम करेंगे एवं जागरूक रहकर भ्रष्टाचार मुक्त एक स्वस्थ एवं समृद्ध देश का निर्माण करेंगे।

जय हिन्द-जय भारत।

Check Also

इंतजार खत्म :: Covaxin का 10 हजार डोज पहुंचा दरभंगा, बुधवार को इन केंद्रों पर होगा वैक्सीनेशन

सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बिहार में …