हरियाणा के करनाल जिले के गोंदर गांव में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। यहां जमानत पर जेल से बाहर आए एक युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। शाम के समय हुई इस वारदात को बाइक सवार तीन हमलावरों ने अंजाम दिया और कुछ ही पलों में मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांव में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।

मृतक की पहचान सूरज के रूप में हुई है, जो गोंदर गांव का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, सूरज वर्ष 2019 के एक मामले में जेल में बंद था और हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था। घर लौटने के बाद वह सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसकी यह कोशिश ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी और वह एक सोची-समझी साजिश का शिकार बन गया।
घटना वाली शाम सूरज अपने घर के पास गली में खड़ा था। इसी दौरान अचानक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इनमें से एक ने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था, जबकि अन्य दो खुले चेहरे के साथ थे। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी योजना बनाई थी।
जैसे ही हमलावर सूरज के करीब पहुंचे, उन्होंने बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने लगातार तीन गोलियां चलाईं, जो सीधे सूरज के शरीर में जा लगीं। एक गोली उसकी छाती में, दूसरी सिर में और तीसरी बगल में लगी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और आसपास के लोग सहम गए।
फायरिंग की आवाज सुनते ही लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। सूरज खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था और उसकी हालत बेहद गंभीर थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने सूरज को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
सूरज अपने परिवार का छोटा बेटा था और उसके पिता मजदूरी कर घर का खर्च चलाते हैं। बेटे की इस तरह हुई हत्या ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजरानिया मौके पर पहुंचे। उनके साथ निसिंग थाना पुलिस और सीआईए की टीम भी मौजूद रही। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेज कर दिया गया है।
एसपी नरेंद्र बिजरानिया ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को हर पहलू से जांच रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल बना हुआ है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहे हैं। खासकर शाम के समय लोग अधिक सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई थी, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गांव में गश्त बढ़ाई जाए और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
यह वारदात एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर अपराधियों में कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है। सरेआम गोलीबारी जैसी घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना को बढ़ाती हैं और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि मामले में तेजी से कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, गोंदर गांव में हुई यह घटना न केवल एक परिवार के लिए दुखद है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। यह जरूरी हो गया है कि अपराध पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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