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बिहार :: मधुबनी में तकनीकी सहायकों की नियुक्ति को लेकर करना पड़ेगा और इंतजार, प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही अंतिम मेधा सूची होगी जारी

डेस्क : मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना व ग्रामीण गली-नाली पक्की करण योजना के लिए तकनीकी सहायक व लेखा सहायक के पद पर नियुक्ति के लिए नियोजन की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अभी और भी प्रतीक्षा करना पड़ेगा। इसका मुख्य कारण प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही संविदा आधारित नियोजन हेतु अ‌र्भ्यिथयों का चयन किए जाने का निर्णय विभाग द्वारा लिया जाना है। पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने जिला पदाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा है कि तकनीकी सहायकों तथा लेखापाल सह आइटी सहायकों के पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति हेतु अ‌िर्भ्यथयों के प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच कराने के उपरांत ही चयन की प्रक्रिया पूरी की जाए। 

डीएम को भेजे गए पत्र में विभागीय प्रधान सचिव ने उल्लेख किया है कि तकनीकी सहायकों तथा लेखापाल सह आइटी सहायकों के पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति हेतु संपन्न हुई काउंसिलिंग की प्रक्रिया के बाद प्राप्त सूचना के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस पत्र में जिक्र किया है कि विभिन्न स्त्रोतों से शिकायतें मिली है कि कुछ अ‌र्भ्यिथयों द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र हासिल करके चयन प्रक्रिया को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिस कारण प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच कराकर आश्वस्त हो जाना अति आवश्यक है। इस पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिन अ‌िर्भ्यथयों द्वारा प्रथम दृष्टया वांछित योग्यता पूर्ण करना प्रतीत नहीं हो रहा है अर्थात अवैध तरीके से बिना पढ़ाई किए डिग्री ले ली गई है, तो उन्हें सुनने का अवसर देकर कारण सहित आदेश पारित करके उनकी अ‌र्भ्यिथता रद करते हुए उचित कानूनी कार्रवाई भी किया जाना सुनिश्चित की जाए। विभागीय प्रधान सचिव ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया है कि प्रमाण पत्रों की वैधता सुनिश्चित करने के बाद ही नियुक्ति की कार्रवाई की जाए।
यहां उल्लेख्नीय है कि जिले में तकनीकी सहायक के पदों पर संविदा आधारित नियोजन हेतु अंतिम मेधा सूची सह प्रतीक्षा सूची तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस सूची में शामिल सभी अ‌िर्भ्यथयों का प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के बाद ही चयन व नियोजन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं लेखापाल सह आइटी सहायक के पदों पर नियोजन में अभी भी पेंच फंसा हुआ है, जिस कारण अंतिम मेधा सूची सह प्रतीक्षा सूची तैयार करने का कार्य भी ठप पड़ा है। इसका मुख्य कारण अ‌िर्भ्यथयों द्वारा लेखापाल सह आइटी सहायक के पद पर आनलाइन आवेदन दाखिल करने के दौरान अलग-अलग पूर्णांक (500, 1500 व 800) के आधार पर बीकाम का प्रतिशत प्राप्तांक का उल्लेख आवेदन में किया जाना है। हालांकि इस मामले में जिला पदाधिकारी द्वारा पंचायती राज विभाग से मार्गदर्शन की मांग की गई है, जो अब तक अप्राप्त है।

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