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यूपी:तीन तलाक बिल है काला कानून- अकील खान

तीन तलाक बिल है काला कानून- अकील खान

राज प्रताप सिंह(उत्तर-प्रदेश राज्य प्रमुख)

लखनऊ। हिंदुस्तान के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक लाए हैं वह तीन तलाक बिल मुस्लिम महिलाओं के लिए काला कानून साबित होगा रविशंकर प्रसाद विधेयक पर चर्चा करते हुए जवाब देते हुए कहा कि विधेयक मुस्लिम महिलाओं को सम्मान और बराबरी का हक देता है लेकिन पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता मोहम्मद अकील खान ने कहा है इस्लाम धर्म में मर्द औरत को सब बराबर का हक इस्लाम में पहले से दिया है इस कानून को लागू करने से मुस्लिम महिलाओं और मुस्लिम पुरुषों को बराबरी का हक नहीं बल्कि इनके लिए नाइंसाफी होगी यह कौन जिम्मेदारी लेगा की मुस्लिम महिला पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जब वह जेल चला जाए तो उसके बच्चों की परवरिश या उसकी बीवी की परवरिश कौन करेगा और जेल से वापस आने पर क्या वह अपनी पत्नी को अपनायेगा यह हरगिज संभव नहीं हो सकता है जब पति अपनी पत्नी को अपना आएगा ही नहीं तो फिर मुस्लिम महिला के लिए और दिक्कतों का सामना करने की कोशिश की जा रही है इस बिल को मुस्लिम समाज कतई कतई नहीं मानेगा क्योंकि इस्लाम धर्म में निकाह और तलाक के सिवा कोई दूसरा मामला ही नहीं है और जब कोई मामला पड़ता है तो मुस्लिम उलमा मुफ्ती कारी और शरीयत के बहुत से जानकारों से गुफ्तगू करने के बाद फैसला कर लिया जाता है और दोनों पक्षकारों को यह समझा दिया जाता है कि आप अपनी जिंदगी का गुजर-बसर अपनी मर्जी से जाकर कर सकते हैं तो मुसलमान आपस में ही बैठकर के सुलह समझौता कर लेते हैं कोर्ट अदालत की जरूरत बहुत कम ही पड़ती है और जहां तक इस काले कानून का सवाल है तो इस काले कानून का हिंदुस्तानी मुसलमान कतई कतई नहीं मानेगा क्योंकि इस्लाम धर्म में शरीयत के हिसाब से निकाह और शरीयत के हिसाब से तलाक का मामला आता है इस कानून को बनाने के लिए मुस्लिम धर्मगुरुओं से आलीम मुफ्ती कारी इस्लाम धर्म के जानकारों से बिना गुफ्तगू बातचीत किए बिना राय मशविरा के काला कानून पास करने की मोदी सरकार ने जिस तरह से मुसलमानों को प्रताड़ित करने का षड्यंत्र मुसलमानों के साथ किया गया है कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहब ने रचा इससे इनकी मानसिकता मुसलमानों के प्रति साफ झलकती है पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज उत्तर प्रदेश का संगठन इस तीन तलाक के काले कानून को नहीं मानेगा हम अपना जीवन यापन इस्लाम धर्म की रोशनी में रहकर करेंगे जब किसी तरह का कोई कानून बनाया जाता है तो उस धर्म के मानने वाले लोगों के जानकारों से राय मशविरा करने के बाद अच्छाई और बुराई दोनों को देखते हुए कानून बनाने के काम सरकार को करना चाहिए खासकर मुस्लिम समाज को नीचा दिखाने की नियत से हिंदुस्तान की हुकूमत मुसलमानों के खिलाफ बदले की भावना से कार्य कर रही है इन कार्यों और बातों का जवाब हिंदुस्तानी मुसलमान और हिंदुस्तान की आवाम 2019 के लोकसभा के चुनाव में मोदी जी को जरूर मिलेगा पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता मोहम्मद अकील खान ने कहा है मुसलमान अपने शरीयत के हिसाब से जीने मरने खाने रहने रोजा नमाज़ जकात खैरात हज इस्लाम के हिसाब से करते हैं और जबरदस्ती का तीन तलाक बिल काला कानून सरकार का कोई मुसलमान इस काले कानून को नहीं मानेगा

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