रामकिशोर रावत
माल(लखनऊ) भीषण गर्मी उस पर बिजली का हाइबोल्टेज ड्रामा ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए किसी नरक से कम नहीं है।कई दिनों से बिजली न आने से खफा किसानों ने पावर स्टेशन के सामने प्रदर्शन भी किया।आश्वासन के सहारे अपनी जान बचा रहे अधिकारी कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल सके हैं।सभी कार्यो में वसूली का जुगाड़ करते इलाकाई जिम्मेदार फोन उठाने से परहेज भी करते हैं।
उपभोक्ताओं के बिलों की वसूली में पावर कारपोरेशन ने जबर्दस्त सख्ती की।बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए चोरी से बिजली जलाने वालों के नियमित कनेक्शन कर दिए गये।लेकिन इस बात की गारंटी किसी ने नहीं ली कि बिजली पर्याप्त कैसे मिलेगी।लो बोल्टेज और लाइन हानियों से परेशान किसानों ने कुछ दिनों पहले पावर हाउस पर प्रदर्शन कर विरोध जताया था।कारपोरेशन के नियामक आयोग के अधिकारियों ने पावर स्टेशन के आउटगोइंग फीडर की छमता को बढ़वा दिया और कस्बे को अलग फीडर आवंटित करा दिया।लेकिन गांवो में की जा रही बिजली आपूर्ति की बहाली का कोई ठोस रास्ता नहीं बन सका।उमस और गर्मी के बीच कई गांवो के ट्रांसफार्मर ओवरलोड के चलते जल गए। रनीपारा गांव का ट्रांसफार्मर आठ दिन पहले जल गया था।तिरसठ केवीए के इस ट्रांसफार्मर को बदला गया लेकिन घटिया गुणवत्ता के कारण व दो दिन बाद ही जल गया।जिसे अभी तक बदला नहीं जा सका है। वही तिवारी खेड़ा गांव में ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 1 हफ्ते से ट्रांसफार्मर फुका हुआ है जिसकी शिकायत करने पर भी नहीं बदला गया ट्रांसफार्मर। जिससे ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी मे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रामनगर गांव जहाँ पावर स्टेशन स्थापित है।यहाँ गांव में बिजली आपूर्ति के लिए लगा ट्रांसफार्मर जल गया था कई दिनों तक जब उसे बदला नहीं गया तो ग्रामीणों ने भकियू लोकतात्रिक के बैनर तले प्रदर्शन किया था।कर्मचारियों ने रामनगर गांव की बिजली नलकूपो के लिए गयी लाइन से जोड़ दिया।गांव में एकदम से हाइबोल्टेज बिजली दौड़ने लगी जबतक कोई समझ पाता लाखों के उपकरण जल गये।यह देखने की बात होगी जब कारपोरेशन समस्याओ के निस्तारण का उम्दा विकल्प सामने लायेगी
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