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यूपी:घर-घर खिलाई जाएगी आज से फाइलेरिया की दवा

– फाइलेरिया को समाप्त करने के लिए 14 से पांच दिन तक चलेगा अभियान

– शहर से लेकर गांव तक चलेगा अभियान, करीब 47 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य

राज प्रताप सिंह(उत्तर प्रदेश राज्य प्रमुख)

लखनऊ। फाइलेरिया या हाथीपांव बीमारी को राजधानी में समाप्त करने के लिए बुधवार से फाइलेरिया की दवा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। राजधानी में करीब 47 लाख लोगों को नि:शुल्क दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। शहर से लेकर गांव में परिवार के प्रत्येक सदस्य को यह दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए करीब 46 सौ लोगों की टीम 14 से 18 नवंबर तक दवा खिलाकर अभियान को सफल बनाने का प्रयास करेगी। यह जानकारी मंगलवार को एक होटल में आयोजित कार्यशाला में जिला मलेरिया अधिकारी डीएन शुक्ला ने दी। पांच दिन तक चलेगा अभियानराणा प्रताप मार्ग स्थित होटल में फाइलेरिया नियंत्रण एवं मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पर कार्यशाला हुई। इस अहम कार्यशाला में आयोजक रहे सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल खुद ही नहीं आए। बाद में उन्होंने एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी को कार्यशाला में भेज दिया। कार्यशाला को जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी योगेश रघुवंशी व एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने संबोधित किया। कार्यशाला में सहयोगी संस्था सेंट्रल फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सदस्य भी मौजूद रहे। डीएन शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के उन्मूलन के लिए पांच दिन तक नि:शुल्क दवा खिलाने का अभियान चलेगा। लाइलाज है फाइलेरिया डीएन शुक्ला ने बताया कि फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है। यह बीमारी मच्छर काटने से होती है। इस बीमारी का करीब 10 वर्ष बाद पता चलता है, जब पैर या शरीर का अन्य हिस्सा काफी फूल जाता है। तब उसे सही नहीं किया जा सकता है। फाइलेरिया की दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को नहीं खिलाई जाती है। प्रदेश के 51 जिलों में लखनऊ समेत 20 जिले फाइलेरिया से ज्यादा प्रभावित हैं। लखनऊ में कुल 2424 मरीज फाइलेरिया के हैं। यहां ले सकते हैं जानकारी एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि फाइलेरिया की दवा का दुष्प्रभाव भी होता है। यदि किसी व्यक्ति को दवा खाने के बाद कोई दिक्कत होती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। वह सीएमओ कंट्रोल नंबर-0522-2622080 या 9415795809 पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि राजधानी में आयु वर्ग के अनुसार दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें दो से पांच वर्ष के 592779, छह से 14 वर्ष के 1320932 और 15 वर्ष से ऊपर 2797714 लोग शामिल हैं।

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