बेनीपट्टी/मधुबनी/ आकिल हुसैन – संवाददाता।
बेनीपट्टी अनुमंडल मुख्यालय के थाना में प्रशिक्षित मुंशी नहीं होने के कारण थाना के सिरिस्ता का हाल बेहाल बना हुआ है। सिरिस्ता में रखे जाने वाले कागजात यत्र-कुत्र रखा जाता है।
जिसके कारण थाना में पदस्थापित पुलिस अधिकारियों को भी परेशानी होती है। वहीं आम पीड़ित के द्वारा दिए गये आवेदन को मनचाहे ढंग से कही रख दिया जाता है। वहीं सूत्रों की माने तो प्रशिक्षित मुंशी नहीं होने के कारण थाना का सिरिस्ता भगवान भरोसे है।
जहां चरम पर मनमानी की जा रही है। उधर सूत्रों की बातों पर भरोसा करें तो थाना स्तर से कई गोपनीय कागजों को हेराफेरी कर दी जाती है। वहीं प्राथमिकी की काॅपी पक्षों को देने के लिए कंडिका में आवेदन नहीं लगाया जाता है।
नियम के खिलाफ प्राथमिकी की काॅपी उपलब्ध कराने की होड़ मची रहती है। वहीं जानकारों की माने तो प्राथमिकी की काॅपी हेरफेर करने के लिए अलग कर रख दी जाती है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि ऐसा हर मामले में नहीं कर कुछ खास प्राथमिकी की काॅपी अलग कर रख दी जाती है। जिसके कारण परेशानी होती है।
इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष को प्राथमिकी की काॅपी उपलब्ध कराई जा सकती है। इस तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। जानकारी दें कि बेनीपट्टी थाना में चैकीदार से मंुशी का कार्य कराया जा रहा है। जिससे थाना की स्थिति का अंदाजा लगाना सहज है।
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