बड़ी संख्या में राजधानी में एकजुट हुए प्रदर्शनकारी
राज प्रताप सिंह,ब्यूरो लखनऊ
लखनऊ।बीते करीब एक सप्ताह से आलमबाग स्थित ईको गार्डेन में प्रदर्शन कर रहे बीटीसी प्रशिक्षुओं का सब्र शनिवार को टूट गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी निशातगंज स्थित डायट पर जुटकर नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ता देखा तो पुलिस ने लाठियां फटकारकर तितर- बितर कर दिया। भाग कर प्रदर्शनकारी लक्ष्मण मेला मैदान की ओर आ गए।
यहां भी घण्टों चले प्रदर्शन के बाद कोई नतीजा न निकलता देख तीन प्रशिक्षुओं ने गोमती नदी में छलांग लगा दी। प्रशिक्षुओं के नहीं में कूदते ही पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। नदी में डूबता देख अन्य साथियों ने नदी में कूदकर उन्हें बाहर निकाला। जिसमें से दो की हालत गंभीर थी जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती
बह 10 बजे से ही उत्तर प्रदेश बीटीसी प्रशिक्षु शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रशिक्षु आदित्य पाण्डेय के नेतृत्व में एकजुट हुए। सभी सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाकर नारेबाजी करने लेगे। इस दौरान सभी ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाया।
भीड़ बढ़ती देख पुलिसर्कियों ने प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डेन धरना स्थल के लिए खदेड़ दिया। लेकिन प्रदर्शनकारी पुलिस को चकमा देकर लक्ष्मण मेला मैदान की ओर आ धमके। प्रदर्शनकारियों के तेवर देख प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझा- बुझाकर शांत कराने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने।
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प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से वार्ता की जिद पर अड़े रहे। काफी देर चले प्रदर्शन के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। इसी बीच देखते ही देखते एटा निवासी संजय, आगरा निवासी जितेन्द्र व इटावा निवासी मुनीश ने नदी में छलांग लगा दी। साथी को डूबता देख अन्य प्रशिक्षू साथियों ने नदी में कूदकर सभी को बाहर निकाला।
नदी में कूदने की सूचना फैलते ही अन्य प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए। जिसमें से दो को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी सड़क की ओर कूच करने लगे लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा।
धरने में शामिल तूफान सिंह का कहना है विज्ञप्ति में तो न्यूनतम अहर्ता 40 व 45 प्रतिशत थी। लेकिन सरकार ने बाद भी शासनादेश जारी कर न्यूनतम अहर्ता 30 व 33 प्रतिशत कर दी। जिसे ध्यान में रखकर अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। लेकिन परीक्षा परिणाम परिणाम न्यूनतम अहर्ता 40 व 45 प्रतिशत के आधार पर जारी हुआ।
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जिससे कई अभ्यर्थी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके। 68500 में से 26944 पद खाली रह गए। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी वापस डायट पर आकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मांग पर काईवाई के बाद ही आन्दोलन समाप्त होगा।
ये हैं प्रमुख मांगे
68500 सहायक अध्यापक भर्ती के खाली पड़े 26944 पद भी भरे जाए।
न्यूनतम अर्हता 40 व 45 प्रतिशत से घटाकर 30 व 33 प्रतिशत की जाए।
कब क्या हुआ
सुबह 10 बजे – प्रदर्शनकारी निशातगंज स्थित डायट पर जुटे।
सुबह 11:30 बजे – प्रदर्शनकारियों को पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर तितर- बितर किया।
दोपहर 12:30 बजे – प्रदर्शनकारी लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचे।
दोपहर 2:15 बजे – प्रशिक्षुओं ने नदी में लगाई छलांग।
दोपहर 2:30 बजे – साथियों ने नदी से बाहर निकाला।
दोपहर 3:30 बजे – प्रदर्शनकारी वापस डायट पर आकर धरने पर बैठे
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