लखनऊ ब्यूरो ( राज प्रताप सिंह ) : बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि नए नागरिकता कानून में मुस्लिम समाज की पूरी तरह उपेक्षा की गयी है और केन्द्र सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।

उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा, ”नागरिकता संशोधन कानून के पास हो जाने के बाद से ही देशभर में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसा प्राय: तभी होता है जब सरकार अपने स्वार्थ में, देश के संविधान को भी ताक पर रखकर किसी खास समुदाय और धर्म के लोगों की उपेक्षा करती है। नए नागरिकता कानून में मुस्लिम समाज की पूरे तरह उपेक्षा की गई है जिससे हमारी पार्टी बिलकुल सहमत नहीं है।
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मायावती ने मांग की कि कि केन्द्र सरकार को इस कानून को देश के हित में वापस लेना चाहिए। बसपा प्रमुख ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ जो ज्यादती हुई, उसका बदला भाजपा नीत वर्तमान केन्द्र सरकार भारत के मुसलमानों से लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जामिया और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पुलिसिया कार्रवाई निन्दनीय है जिसका हर ओर विरोध हो रहा है।
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