इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैल रही बीमारी ने एक और जान ले ली है। उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती एक महिला की रविवार रात मौत हो गई। इसके साथ ही इस इलाके में मौतों की संख्या बढ़कर 20 हो चुकी है। मृतकों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, जबकि एक नवजात की भी जान जा चुकी है।

मृत महिला की पहचान 56 वर्षीय कमला बाई के रूप में हुई है, जो नयापुरा बस्ती की रहने वाली थीं। 1 जनवरी से उन्हें लगातार उल्टी-दस्त की समस्या थी। शुरुआत में स्थानीय क्लिनिक में इलाज कराया गया, लेकिन तबीयत में सुधार न होने पर 7 जनवरी को उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।
हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला पहले से ही किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं और उन्हें डायलिसिस की सलाह दी गई थी, जिसे परिजनों ने नहीं कराया। इसी कारण डॉक्टरों ने उनकी मौत को सीधे तौर पर दूषित पानी से जोड़ने से इनकार किया है।
बताया गया कि कमला बाई और उनके पति करीब एक महीने पहले ही मजदूरी के लिए किराए के मकान में भागीरथपुरा आए थे। दोनों दिहाड़ी मजदूर हैं।
आईसीयू में अब भी 13 मरीज भर्ती
भागीरथपुरा में डायरिया का प्रकोप अब भी थमा नहीं है। फिलहाल 13 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि 42 अन्य मरीज अलग-अलग अस्पतालों में उपचाररत हैं। अब तक कुल 427 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया था, जिनमें से 385 को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बस्ती के आयुष्मान क्लिनिक में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती की है। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए दो एंबुलेंस भी इलाके में तैनात की गई हैं।
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