देश के पहाड़ी इलाकों में जारी लगातार हिमपात का असर अब मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज ठंडी हवाओं के चलते दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। शीतलहर के कारण सुबह-शाम की ठंड और भी तीखी हो गई है, वहीं दिन में निकलने वाली धूप भी बेअसर साबित हो रही है। ठंड के इस प्रकोप ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।

बीते एक सप्ताह के दौरान मौसम ने कई रंग बदले हैं। चार दिनों तक अपेक्षाकृत गर्मी महसूस होने के बाद, पिछले दो दिनों से अचानक तापमान लुढ़क गया है। हालिया बारिश के बाद वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे ठंड का असर और गहराता जा रहा है। ठंडी हवाओं के साथ बढ़ी नमी ने सर्दी की चुभन को बढ़ा दिया है।
मौसम में आए इस बदलाव का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज की गई है। हवा में नमी के कारण धूल और प्रदूषक कण नीचे बैठ गए हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिला है। हालांकि, ठंड का यह दौर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों ने इन वर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार, अगले 48 घंटों तक शीतलहर से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम की मौजूदा परिस्थितियां फिलहाल बनी रहेंगी। इसके बाद 27 जनवरी से एक बार फिर बारिश होने के संकेत हैं। संभावित बारिश से तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर और तेज होने की आशंका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ सकती है, जिससे रातें और ज्यादा सर्द होंगी। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़ों का उपयोग करने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
मौसम का असर और आगे की तस्वीर
वर्तमान हालात में पहाड़ों पर हो रहे हिमपात के कारण मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का दबाव बना हुआ है। तापमान में आई गिरावट ने शीतलहर की स्थिति पैदा कर दी है। अगले दो दिनों तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन 27 जनवरी के आसपास होने वाली बारिश ठंड को और बढ़ा सकती है।
कुल मिलाकर, सर्दी का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। लोगों को सतर्क रहकर मौसम के अनुरूप तैयारी करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में ठंड अपने और कड़े तेवर दिखा सकती है।
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