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24 हजार से बढ़कर 40 हजार की मांग बनी मौत की वजह: मुरादाबाद में बच्चों के सामने दंपती की बेरहमी से हत्या

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। मामूली रकम के विवाद ने इतना भयावह रूप ले लिया कि एक मासूम परिवार उजड़ गया। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक इलाके में सोमवार रात घर के भीतर ही पति-पत्नी की उनके बच्चों के सामने चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इस दर्दनाक वारदात के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।

घटना सोमवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। मृतक राजा (30) अपनी पत्नी फराह (30) और तीन बच्चों के साथ चक्कर की मिलक इलाके में रहते थे। राजा पेशे से पॉलिश का काम करता था और करीब एक साल पहले उसने अपने पड़ोसी फहीम से रामगंगा किनारे बने एक कमरे का मकान खरीदा था। यह सौदा दो लाख 24 हजार रुपये में तय हुआ था, जिसमें से राजा ने दो लाख रुपये दे दिए थे और मकान पर कब्जा भी ले लिया था। हालांकि, इस मकान की रजिस्ट्री अब तक नहीं कराई गई थी, जो आगे चलकर विवाद की जड़ बन गई।

बताया जा रहा है कि समय बीतने के साथ ही फहीम ने रजिस्ट्री कराने के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग शुरू कर दी। पहले तय 24 हजार रुपये के बजाय वह 40 हजार रुपये मांगने लगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। रविवार शाम भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जो मारपीट तक पहुंच गई। उस झगड़े में फहीम के हाथ में चोट भी आई थी, जिससे मामला और ज्यादा बिगड़ गया।

सोमवार की रात जब यह घटना हुई, उस समय राजा और उसकी पत्नी फराह घर के अंदर मौजूद थे। उनका डेढ़ साल का बेटा अब्बास चारपाई पर लेटा हुआ था, जबकि एक बेटी बीमार थी। अन्य दो बच्चे—अफ्शा और आतिफ—घर के सामने खेल रहे थे। तभी अचानक फहीम अपने बेटे फरजंद, एक चचेरे भाई और एक अन्य युवक के साथ राजा के घर में घुस आया।

घर में घुसते ही आरोपियों ने राजा के साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर फराह अपने पति को बचाने के लिए आगे आई, लेकिन आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की। इसी बीच शोर-शराबा सुनकर बच्चे भी कमरे के अंदर आ गए। लेकिन जो कुछ आगे हुआ, उसने इस घटना को और भी भयावह बना दिया।

आरोप है कि हमलावरों ने बच्चों के सामने ही राजा और फराह पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। दोनों को इतनी बेरहमी से गोदा गया कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मासूम बच्चे अपने माता-पिता को बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हमलावरों का दिल नहीं पसीजा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घर के अंदर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया। खून से लथपथ पड़े पति-पत्नी के शव और रोते-बिलखते बच्चे—यह दृश्य किसी को भी झकझोर देने के लिए काफी था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआईजी मुनिराज जी, एसएसपी सतपाल अंतिल और एसपी सिटी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इलाके को घेर लिया गया और जांच शुरू कर दी गई। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मकान के विवाद को ही हत्या का मुख्य कारण माना है। एसएसपी सतपाल अंतिल के अनुसार, अब तक की जानकारी में सामने आया है कि रजिस्ट्री को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था, जो इस जघन्य अपराध में बदल गया। पुलिस ने कहा है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया जाएगा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तो यह कि मामूली आर्थिक विवाद किस तरह हिंसा का रूप ले लेता है, और दूसरा यह कि कानून का डर किस हद तक कम हो गया है कि लोग बच्चों के सामने भी इस तरह की वारदात करने से नहीं हिचकते। समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आपसी विवादों का हिंसक समाधान एक चिंताजनक प्रवृत्ति बनती जा रही है।

सबसे ज्यादा दिल दहलाने वाली बात यह है कि इस पूरी घटना के गवाह मासूम बच्चे बने। जिनकी आंखों के सामने उनके माता-पिता को बेरहमी से मार दिया गया। यह घटना उनके मानसिक और भावनात्मक जीवन पर गहरा असर डालेगी। अब ये बच्चे न सिर्फ अपने माता-पिता को खो चुके हैं, बल्कि उस भयावह याद के साथ जीने को मजबूर हैं, जिसे शायद वे कभी भूल नहीं पाएंगे।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते विवाद को सुलझाया जाता या पुलिस को पहले ही सूचना दी जाती, तो शायद इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था। लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें सख्त सजा देने की मांग की है।

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। छोटे-छोटे विवाद अगर समय पर और शांतिपूर्ण तरीके से हल नहीं किए जाते, तो वे बड़े हादसों में बदल सकते हैं। जरूरत है कि लोग आपसी मतभेदों को बातचीत और कानून के जरिए सुलझाएं, न कि हिंसा का रास्ता अपनाएं।

फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्त में होंगे। लेकिन इससे उस परिवार को वापस नहीं लाया जा सकता, जो एक छोटे से विवाद की भेंट चढ़ गया। यह घटना लंबे समय तक लोगों के जहन में बनी रहेगी और समाज को यह सोचने पर मजबूर करेगी कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं।

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