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हाथरस में रिश्तों का खौफनाक अंत: दामाद की दरिंदगी से ससुर की मौत, गांव में दहशत का माहौल

उत्तर प्रदेश के Hathras जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है बल्कि रिश्तों की बुनियाद पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक दामाद ने अपने ही ससुर पर ऐसी बेरहमी दिखाई कि उनकी जान चली गई। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस क्रूरता को लेकर स्तब्ध हैं।

मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप

मामला महौ क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां 75 वर्षीय प्यारेलाल अपने परिवार के साथ रहते थे। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। उनकी चार बेटियां थीं, जिनकी शादी हो चुकी थी। अकेलेपन के चलते उन्होंने अपनी छोटी बेटी लता देवी को अपने साथ रख लिया था, ताकि बुजुर्ग अवस्था में उन्हें सहारा मिल सके।

लता देवी का पति विजय उर्फ भीमसेन, जो अलीगढ़ जिले के इगलास क्षेत्र का रहने वाला है, भी उसी घर में रहता था। परिवार के लोगों के अनुसार, विजय का व्यवहार शुरू से ही आक्रामक था और वह अक्सर शराब के नशे में ससुर के साथ झगड़ा करता रहता था।

पहले भी हो चुकी थी मारपीट

परिजनों ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब विजय ने अपने ससुर के साथ हिंसा की हो। इससे पहले भी दो बार वह उन्हें पीट चुका था, लेकिन हर बार परिवार के दबाव और सामाजिक समझौते के चलते मामला शांत कर दिया गया। यही चूक इस बार भारी पड़ गई, क्योंकि आरोपी का मनोबल बढ़ता गया और उसने इस बार हद पार कर दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले की घटनाओं में सख्त कार्रवाई की गई होती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी। यह मामला इस बात का भी उदाहरण है कि घरेलू हिंसा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है।

घटना की रात: जब दरिंदगी ने पार की सारी हदें

परिजनों के मुताबिक, 22 अप्रैल की रात विजय शराब के नशे में घर लौटा था। किसी छोटी सी बात को लेकर घर में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। नशे में धुत विजय ने अपना आपा खो दिया और ससुर प्यारेलाल पर हमला कर दिया।

आरोप है कि उसने बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, उनके दोनों पैरों के घुटने और दोनों हाथ तोड़ दिए। शरीर पर कई जगह चाकू से वार किए गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला इतना क्रूर था कि सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

चीख-पुकार से जुटे पड़ोसी

जब लता देवी ने अपने पिता को इस हालत में देखा, तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि एक दामाद अपने ससुर के साथ इतनी बेरहमी कैसे कर सकता है। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।

अस्पताल में तोड़ा दम

घटना के बाद परिजन तुरंत घायल प्यारेलाल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। कुछ समय तक उनका इलाज चला, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती रही।

शुक्रवार तड़के उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए, जिसके बाद परिजन उन्हें वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सुबह करीब चार बजे जब उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में पुलिस ने पहले ही आरोपी के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज कर लिया था। अब पीड़ित की मौत के बाद मामले में गंभीर धाराएं जोड़ी जा रही हैं। क्षेत्राधिकारी J N Asthana ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और उसे जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। घरेलू हिंसा और नशे की लत किस तरह रिश्तों को खत्म कर सकती है, यह इसका ज्वलंत उदाहरण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर ही सख्त कदम उठाने की जरूरत होती है। यदि परिवार और समाज समय रहते हस्तक्षेप करें, तो कई बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।

नशा और बढ़ती हिंसा

इस घटना में एक बड़ा कारण शराब का नशा भी बताया जा रहा है। नशे की हालत में व्यक्ति अपना नियंत्रण खो देता है और अक्सर हिंसक हो जाता है। ग्रामीण इलाकों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे घरेलू झगड़े और अपराध बढ़ रहे हैं।

सरकार और प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि नशे पर नियंत्रण पाया जा सके और ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

प्यारेलाल की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस बेटी ने अपने पिता की सेवा के लिए उन्हें अपने साथ रखा था, उसी के पति ने उनकी जान ले ली। यह घटना भावनात्मक रूप से भी बेहद दर्दनाक है।

गांव के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

निष्कर्ष

हाथरस की यह घटना रिश्तों के टूटते विश्वास और बढ़ती हिंसा की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है, जहां अपने ही लोग एक-दूसरे के दुश्मन बनते जा रहे हैं।

जरूरत है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए, घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जाए और समय रहते सख्त कदम उठाए जाएं। तभी हम ऐसे दर्दनाक हादसों को रोक सकते हैं और समाज को सुरक्षित बना सकते हैं।

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