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यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र में टायर गोदाम में लगी भीषण आग, घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू, भारी नुकसान

हरियाणा के यमुनानगर जिले में रविवार तड़के एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया, जब मानकपुर इंडस्ट्रीज क्षेत्र के पास स्थित एक टायर गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही समय में इसने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार फैल गया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के मुताबिक, आग सुबह करीब 3 बजे लगी। उस समय क्षेत्र में सन्नाटा था, लेकिन अचानक उठती आग की लपटों और धुएं को देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गोदाम के अंदर रखे टायर, तेल के ड्रम और अन्य ज्वलनशील सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसे नियंत्रित करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया।

यह गोदाम मानकपुर इंडस्ट्रीज एरिया के निकट स्थित है, जहां कई फैक्ट्रियां और गोदाम संचालित होते हैं। बताया जा रहा है कि जिस फैक्ट्री में आग लगी, वह पिछले कुछ दिनों से बंद थी। 21 तारीख के बाद से यहां उत्पादन कार्य बंद था और फैक्ट्री के ठेकेदार व ऑपरेटर भी बाहर गए हुए थे। मौके पर केवल कुछ मजदूर ही मौजूद थे, जिन्होंने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।

गोदाम में भारी मात्रा में टायर और तेल के टैंक रखे हुए थे, जो आग लगने के बाद तेजी से जलने लगे। यही कारण रहा कि आग कुछ ही मिनटों में बेकाबू हो गई और तेजी से फैलती चली गई। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि आसपास के कई किलोमीटर दूर से भी इसे देखा जा सकता था। धुएं के कारण पूरे क्षेत्र में सांस लेना भी मुश्किल हो गया था।

फैक्ट्री मालिक ने इस घटना को लेकर गंभीर आशंका जताई है। उनका कहना है कि जब फैक्ट्री बंद थी और अंदर कोई काम नहीं चल रहा था, तब आग लगना सामान्य बात नहीं है। उन्होंने शक जताया है कि किसी ने जानबूझकर आग लगाई हो सकती है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 15 से 16 दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक लगातार प्रयास किया और अंततः आग पर काबू पाया। हालांकि आग बुझाने में काफी समय लगा, क्योंकि गोदाम के अंदर मौजूद टायर और तेल के कारण आग बार-बार भड़क रही थी।

स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं, जिसके कारण आग ने ज्यादा नुकसान किया। यदि दमकल टीम जल्दी पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। वहीं, दमकल विभाग का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम तुरंत रवाना हुई और पूरी मुस्तैदी के साथ आग बुझाने का कार्य किया गया।

इस भीषण आग में गोदाम के अंदर रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। टायर, मशीनरी और अन्य उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। शुरुआती अनुमान के अनुसार इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद मजदूरों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। अगर फैक्ट्री चालू होती और वहां ज्यादा लोग मौजूद होते, तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

आग बुझाने के बाद भी इलाके में धुआं और गर्मी का असर काफी देर तक बना रहा। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आग दोबारा न भड़के।

प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गोदाम में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है। जहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद होती है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

कुल मिलाकर, यमुनानगर के मानकपुर इंडस्ट्रीज क्षेत्र में लगी यह आग एक बड़ा हादसा साबित हुई है, जिसने न केवल करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर किया है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस उपाय किए जाते हैं।

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