बिहार :: देश का दुर्भाग्य है, आजादी के 70 वर्ष के बाद भी स्वतन्त्रता संग्राम के महान योद्धा की धरती उपेक्षित है।

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भागलपुर  : 23 अप्रैल 1857 के महान योद्धा बाबू वीर कुँवर सिंह के विजयोत्सव दिवस के पूर्व संध्या पर समस्त जगदीशपुर विधानसभा वासियो, भोजपुर वासियो, बिहार प्रदेश वासियो और समस्त देश वासियो के द्वारा स्वतन्त्रता संग्राम के महान योद्धा बाबू वीर कुँवर सिंह का विजयोत्सव समारोह मनाया गया।  सरकार इस महान योद्धा की किला मैदान और धरती को उपेक्षित रखा है, यह बहुत निंदनीय है। किला मैदान में आज जो भी कुछ दिखाई पड़ रहा है वो सभी कार्य भाई दिनेश, अध्यक्ष, बिहार विकास पार्टी के नेतृत्व में जगदीशपुर विकास युवा मंच के बैनर तले आंदोलन की देन है।
भाई दिनेश जी नेें वीर कुँवर सिंह के किला मैदान को पर्यटक स्थल घोषित करने के लिए कई बार विधानसभा के अंदर ध्यानकर्षण प्रस्ताव और गैर सरकारी संकल्प के तहत उठाया, लेकिन सरकार ने उसे केवल सुचना के तहत लिया और अभी तक उसे सम्पूर्ण विकास के लिए कोई प्लान नही बनाया। उन्होंने किला मैदान में एक डाक्यूमेंट्री हॉल बनाने का भी मांग रखा था ! जिसके माध्यम से आम जनता के बिच उनके सम्पूर्ण जीवनी को लोगो के समक्ष दिखाया जा सके।
जगदीशपुर से लेकर आरा तक उनका सुरंग भी खुदवाने की मांग रखा था जिसे पुरे विश्व का बड़ा दर्शनीय स्थल बन सके । वीर कुँवर सिंह विजयोत्सव को जगदीशपुर महोत्सव के रूप में लगातार एक सप्ताह तक मनाने का मांग रखा था । वीर कुँवर सिंह के नाम सैनिक स्कुल, मेडिकल कॉलेज, इंजिनियरिंग कॉलेज भी खोलने की मांग किया गया था। भाई दिनेशजी ने मंत्री से मिलकर वीर कुँवर सिंह के जन्मस्थली जगदीशपुर को रेल मार्ग से जोड़ने का मांग किया है ।
जगदीशपुर में पर्यटक को ठहरने के लिए गेस्ट हाउस  और पर्यटक होटल खोलने की भी मांग किया है ।
सरकार के उपेक्षा के कारण आज जितना विकास होना चाहिए आजदी के 70 वर्ष के बाद भी नही हो सका यह दुर्भाग्य की बात है ।