बिहार :: धूमधाम से मनाया गया बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव समारोह पर्व।

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भागलपुर : दिनांक-23/04/2017, सुबह 10:00 बजे जीरोमाइल चौक स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूरे शहर भर में भव्य शोभायात्रा निकली  गई। शहर में जगह-जगह, विद्यालयों, संस्थाओं, कार्यालयों में लोगों ने बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव समारोह के उपलक्ष्य पर माल्यार्पण कर उन्हें स्मरण किया।  75 फोरव्हीलर, 11 घोड़े और 250 बाइक सवार होकर भागलपुर शहर में इस भव्य शोभायात्रा को निकाला गया। जीरोमाइल चौक से लेकर टाउन हॉल तक जुलूस भी निकाली गई। बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव के मौके पर वीर कुंवर सिंह सामाजिक परिषद की ओर से इस समारोह को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। समारोह का उद्घाटन पूर्व सांसद लवली सिंह के नेतृत्व में हुआ। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समारोह में अपने -अपने विचार रक्खें। अपने संबोधन में लवली सिंह ने वीर कुंवर सिंह जी के इस पावन समारोह में अपने विचार रखें और समाज को अपने तरफ से संदेश से भी दिया की वीर कुंवर सिंह जी ने केवल क्षत्रियों के लिए ही नहीं बल्कि देश की जनता की भलाई के लिए अपने तलवार उठाए थे।  तो किसी ने वीर कुंवर सिंह को चाणक्य की उपाधि देते हुए कहा कि वह 80 साल की उम्र में भी अंग्रेजों से लड़ते रहे। उधर डॉक्टर प्रीति शेखर ने भी कुछ ऐसा ही कहा है कि उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता है और युवाओं को जातिवाद छोड़कर उनके मार्ग पर चलकर अपने जीवन में अपने समाज के लिए कुछ कर दिखाना चाहिए। उधर मंदरोंजा चौक स्थित एसकेपी विद्या विहार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव पर्व मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन तिलकामांझी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर नलिनी कांत झा ने किया। उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह 1857 के सिपाही विद्रोह की कहानी आज भी हमारे युवाओं को खूब भाती हैं और उनमें जोश भर आती हैं। वह 80 साल के उम्र में भी अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते रह गए और हमें याद दिलाते हैं कि अगर कुछ करना हो तो आपमें जज्बा होनी चाहिए। S.K.P के बच्चों ने नाटक प्रस्तुत करके वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव समारोह को मनाकर उस विद्यालय के प्रांगण में आए सभी मेहमानों का दिल जीत लिया।