बिहार :: अलमंसूर एजूकेशनल एण्ड वेलफेयर ट्रस्ट का राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

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दरभंगा : उर्दू हमारी जबान ही नहीं हमारी संस्कृति भी है इस से हमारी आस्था भी जुड़ी है। प्रो0 मनाजिर आशिक हरगानवी का नातया संकलन हर सांस मुहम्मद पढ़ती है उन के हृदय की आवाज है। यह बातें हालेंड के मुफती आजम मुफती अबदुल वाजिद कादरी ने जामिआ वाजदिया मूसा पूर तरौनी में अलमंसूर एजूकेशनल एण्ड वेलफेयर ट्रस्ट और वाजिद वेल्फेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए कही। हरगानवी की 102 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं और यह सिलसिला अब तक जारी है। खुद और उनके व्यक्तित्व और उनके लिखे पर अभी तक 92 किताबें मंगठर आम पर आ चुकी हैं। तीन चार नई किताबें प्रेस में हैं। दृश्यों प्रेमी हरगानवी हिंदीए ाँगीका और अंग्रेजी में भी लिखते रहे हैं। हिंदी में 31ए ाँगीकामें 5 और अंग्रेजी में 2 किताबें सामने आ चुकी हैं। दृश्यों प्रेमी हरगानवी पहलू उत्तरदायी व्यक्ति मालिक हैं और हशत रंगी उनके स्वभाव का हिस्सा है।

ये बातें अल.मंसूर एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव डॉ मंसूर खुशतर ने अल.मंसूर एजुकेशनल एंड वेल्फेयर ट्रस्ट और वाजिद वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित जामिया वाजदया मौसा जयपुर तरुण किले घाटए दरभंगा में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी बिनवान ष्दृश्यों प्रेमी हरगानवीरू जीवन और उपलब्धियों को संबोधित करते हुए कही। 43 साल तक शिक्षण सेवाओं भी अंजाम देते रहे हैं और हज़ारों छात्र मानसिक खेती कर रहे हैं।विश्व प्रसिद्ध कवियों वादीब प्रोफेसर अब्दुल मन्नान्रआभ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंगठोम राष्ट्रपति शब्द पेश किए और कहा कि मेरे दृश्य प्रेमी हरगानवी से पुराना संबंध हैं। बिहार विधान परिषद पटना में प्रशासनिक अधिकारी संपन्न आब्दी ने कहा डाक्टर दृश्यों प्रेमी हरगानवी सेवाओं चौतरफा हैं। एक सेवा के बारे में भी बात करनी हो तो के लिए कार्यालय की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष तौर पर डॉक्टर महोदय किताब आंखोंदीखे उद्धृत बताया डॉक्टर हरगानवी एक करुणा कलाकार हैं जिनके यहाँ करुणा के बारे में व्यापक ब्रह्मांड देखा आसानी से किया जा सकता है।युवा आलोचक डॉक्टर एहसान आलम ने कहा कि प्रोफेसर दृश्यों प्रेमी हरगानवी एक ऐसे कलाकार हैं जिनकी रचनात्मक कौशल दूर तक फैली हुई हैं वे केवल एक कवि या गद्य लेखक ही नहीं बल्कि एक दृष्टान्त लेखक भी हैं। उनकी गद्य साहित्य का दायरा भी बहुत व्यापकोरिज़ है जो आलोचनाए उपन्यासए इंशा बचचों साहित्य शामिल हैं। उर्दू पत्रकारिता से भी उनका गहरा रिश्ता रहा है। भागलपुर से निकलने वाले एक प्रसिद्ध पत्रिका ष्कवहसारष् वे संपादक हैं।

एडवोकेट सफ़ी रहमान रान ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा किरू डॉक्टर दृश्यों प्रेमी हरगानवी के चेतना आंखों देखी चश्में आँसुओं की बाढ़ है। यह कविताओं कामजमोहि। परंपरा नहीं व्यक्तित्व का सार है।

मराक मरज़ामम्बई कहा कि दृश्यों प्रेमी हरगानवी ऐसी व्यक्ति मालिक हैं जो सभी के लिए हैं।डॉक्टर ज़िज़ह इरफान और जहीर मुंबईए नजीर फतेहपुरी पूना अपने शोध में कहारू दृश्यों प्रेमी हरगानवी ने उर्दू साहित्य में कई ताजमहल बनाए हैं। यह ताजमहल विभिन्न दरोंमें हमारे सामने मौजूद हैं। वह पुस्तकों के ताजमहल हैं। डाक्टर जमीलह अर्शी और अख्तर शाहजहां पूरी यूपी ने अपने थीसिस में कहा किरू दृश्यों प्रेमी हरगानवी के लिए कहा जाए और लिखा जाए कि वह चौतरफा कलाकार हैं तो कौन इनकार कर सकता है।

सईद रहमानी उड़ीसा और डॉ खालिद हुसैन खां अपने भेजे गए थीसिस में कहा किरू प्रोफेसर दृश्यों प्रेमी हरगानवी किसी परिचय की मोहताज नहीं। समकालीन पृष्ठ के लेखकों में उनकी गिनती होती है। शेर साहित्यए आलोचना और अनुसंधान में उन्होंने अपनी अंतर्दृष्टि और दृष्टि की जो उच्च उदाहरण स्थापित हैं इस उदाहरण बहुत कम देखने कोमल है।

इस अवसर पर मौजूद लोगों में प्रो0 शाकिर खलीक, डा0 आफताब अशरफ, फिरदौस अली, मनजर सिद्दीकी, जुनैद आलम आरवी, नूरूद्दीन जन्गी, एहतेशामुल हक, डा0 तसकीन आजमी, डा0 मुनैवर आलम राही, गिलमान रेजा, मुफती आफताब गाजी, फैयाजुल हक, मो. शमशाद आदि सम्मलित थे।