दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला थाना क्षेत्र स्थित श्याम विहार में उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। यह कोई सामान्य वारदात नहीं थी, बल्कि पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच सीधा सामना था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गैंगस्टर विकास लगरपुरिया गैंग से जुड़े दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि समय रहते हस्तक्षेप कर पुलिस ने संभावित गंभीर वारदात को टाल दिया।

खुफिया सूचना से शुरू हुई पूरी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत एक सटीक खुफिया सूचना से हुई। वाहन चोरी निरोधक शाखा को जानकारी मिली थी कि दो बदमाश श्याम विहार इलाके में किसी मकान पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी।
टीम ने रणनीतिक तरीके से इलाके के प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी, ताकि बदमाशों को किसी भी हालत में भागने का मौका न मिल सके।
बाइक से पहुंचे बदमाश, पुलिस ने रोका
कुछ समय बाद पुलिस को दो संदिग्ध युवक बाइक पर आते दिखाई दिए। उनके हाव-भाव और गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया। लेकिन जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, स्थिति अचानक बदल गई।
बदमाशों ने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए सीधे फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले से मौके पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस पर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर तीन राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली हवलदार मनीष की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। यदि जैकेट न होती, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी।
फायरिंग के दौरान आसपास के लोग डर के मारे अपने घरों में छिप गए। इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मारी बाजी
बदमाशों की फायरिंग के बाद पुलिस ने भी तत्काल जवाबी कार्रवाई की। पुलिस टीम ने पूरी सतर्कता के साथ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश रॉकी के पैर में लगी।
गोली लगते ही रॉकी घायल होकर गिर पड़ा, जिससे पुलिस को दोनों बदमाशों को काबू में करने का मौका मिल गया। दूसरे आरोपी सुमित को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
घायल बदमाश अस्पताल में भर्ती
घायल रॉकी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है।
पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल में भी कड़ी निगरानी रखी है, ताकि आरोपी किसी भी तरह फरार न हो सके।
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से दो पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी इस बात का संकेत देती है कि दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
बरामद हथियारों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किन-किन अपराधों में किया गया है।
इलाके में फैली दहशत
मुठभेड़ के दौरान चली गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पहली बार इतने करीब से गोलीबारी देखी।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
गैंग की गतिविधियों की जांच
गिरफ्तार बदमाश कुख्यात लगरपुरिया गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह गैंग दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों बदमाश श्याम विहार में किस मकसद से आए थे और क्या वे किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाने वाले थे।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि इस पूछताछ से गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन बदमाशों का संबंध हाल ही में हुई किसी अन्य घटना से है।
पुलिस की तत्परता से टली बड़ी वारदात
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो ये बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते थे। उनकी गिरफ्तारी से एक संभावित अपराध को रोका जा सका है।
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस की तत्परता और साहस की सराहना की जा रही है।
निष्कर्ष
श्याम विहार में हुई यह मुठभेड़ एक बार फिर यह साबित करती है कि अपराधी भले ही योजनाएं बना लें, लेकिन पुलिस की सतर्कता उनके मंसूबों को नाकाम कर सकती है।
दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को उम्मीद है कि इस गैंग के नेटवर्क को और कमजोर किया जा सकेगा। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता जरूर बढ़ा दी है।
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