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Bihar :: एसडीआरएफ टीम ने सीटीएस मैदान में 1900 महिला पुलिस बलों को आपदा संबंधी जानकारी दी।

 भागलपुर से अजीत कुमार की रिपोर्ट.

// आपदा प्रबंधन टीम का प्रयास बाढ़, भूकंप में फंसे लोगों में राहत की सांस //

भागलपुर शहर में जिलाधिकारी के निर्देशानुसार 2 सप्ताह से अग्नि सुरक्षा सप्ताह एवं आपदा – विपदा जागरुकता अभियान जारी है. एसडीआरएफ टीम को गठितकर जगह-जगहों पर प्रशिक्षण दिए जा रहे है. विद्यालयों से लेकर होटल और पुलिस लाइन के जवानों को भी आपदा के बारे में पूर्ण जानकारी दी गई.  दो दिन पहले भागलपुर पुलिस लाइन एवं साईं इंटरनेशनल होटल में अग्नि सुरक्षा हेतु मॉक ड्रिल की सहायता से सभी को जागरुक किया गया . चुंकी जहां रसोईघर है वहाँ मनुष्य के लिए और भी खतरो का स्थान है .आजकल घर ,होटल इत्यादि जगहों पर गैस सिलेंडर की उपयोगिता ज्यादा देखने को मिलेगी .जितनी इसके उपयोगिता है उतना ही यह खतरनाक साबित हो सकते हैं .अगर इसके प्रयोग और उपयोग की पूर्ण जानकारी ना हो तो यह मनुष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकता है .

गैस सिलेंडर से लगी आग हो, बाढ़ हो अथवा भूकंप हो ये सबों से सुरक्षित रहने के लिए और दुर्घटना से बचने के लिए भारत सरकार के द्वारा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम को गठित किया गया है . इनका कार्य आपदा में फंसे लोगों को निकालना होता है .लेकिन समय के दुर्भाग्य के कारण उचित समय पर अगर यह जवान नहीं पहुंच सके तो खुद की जानकारी के तहत अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं .

बिहार सरकार में पुलिस कर्मियों की तैनाती हर जगह होती है ,आपदा में फंसे लोगों को पुलिस जवान भी मदद कर सकते हैं ,इसके लिए जानकारी आवश्यक है .भागलपुर के सीटीएस मैदान में 1900 महिला पुलिसबलों , 25 स्टाफ और 07 इंस्पेक्टर सहित कई जवानों को फायर डिजास्टर एवं आपदा – विपदा हेतु जानकारी मुहैया कराई गई. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीआरएफ टीम के कमांडर गणेश जी ओझा के नेतृत्व में भली भांति संपन्न हुआ. उनके साथ आए सहयोगी जवान जिसमें की सुरेंद्र मंडल ,अनिल कुमार ,दिवाकर कुमार, जय प्रकाश चौधरी ,प्रह्लाद सिंह ,अवधेश कुमार इत्यादि इस कार्यक्रम में उपस्थित थे. गणेश जी ने बताया कि अगर गैस सिलेंडर में आग लग जाने की प्रक्रिया में क्या करें और क्या ना करें. अपनी सूझबूझ से आसानी से आग बुझा सकते है .फिर किसी व्यक्ति को गहरा चोट लगी हो या एक्सीडेंट के दौरान बोन फ्रेक्चर हो गया हो तो उस समय क्या करना चाहिए. एवं जंगलों में बिहार पुलिस जवान को ड्यूटी के दौरान किसी जहरीले जानवर जैसे सांप के काटने से हो तो कैसे अपने आप को त्वरित प्राथमिक इलाज किया जाना चाहिए उसे मॉक ड्रिल एवं वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई . प्राकृतिक आपदा से अचानक भूकंप आ जाने के स्थिति में क्या करे सिखलाया गया . इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अग्नि सुरक्षा पर था .

आपातकालीन स्थिति में अगलगी के दौरान टोल फ्री नंबर 101 पर डायल करके दमकल विभाग को संपर्क कर सकते हैं.सभी ने शांतिपूर्वक अनुशासन के साथ प्रशिक्षण लिया. कार्यक्रम के अंत में आपदा संरक्षण हेतु संकल्प भी लिया गया.


समपादकीय जानकारी_ (आग)- आग एक रसायनिक क्रिया है जिसमें ताप ,प्रकाश और धुएं का समावेश होता है . आग के 3 सहायक तत्व होते हैं . ताप ,प्रकाश और धुएं . आग पैदा करने के लिए ताप, इंधन और ऑक्सीजन का संतुलित मात्रा में होना आवश्यक है . इसमें से किसी एक तत्व की कमी से आग बुझ सकती है. इन तीनों के मिलने से अग्नि प्रक्रिया प्रारंभ होती है.

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